गिरफ्तारी के बाद मनोरमा खेडकर के बंगले पर पहुंची पुलिस, लग्जरी कार, पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस जब्त
विवादों में घिरी ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर भी चर्चा में हैं। जिस तरह से पिस्टल लहराते हुए उनका वीडियो सामने आया था, उसके बाद से वह भी चर्चा में हैं।
मनोरमा खेडकर के पास से पुणे ग्रामीण पुलिस ने एक लग्जरी कार, लाइसेंस पिस्टल और तीन बुलेट को जब्त किया है। यह वही लाइसेंसी पिस्टल है जिसे मनोरमा वीडियो में लहराती नजर आ रही थीं। बता दें कि 5 जून 2023 को मुलशी तहसील के धधावली गांव में भूमि स्वामित्व को लेकर किसानों के साथ हुए विवाद के दौरान हाथ में पिस्तौल लिए हुए थीं।

वहीं मनोरमा के पति दिलीप खेडकर को 25 जुलाई तक अंतरिम अग्रिम जमानत मिल गई है। पुणे में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजीत मारे ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका मंजूर कर ली है। हालांकि दिलीप का नाम भी बंदूक मामले में सामने आया था, लेकिन पुलिस ने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है।
जबकि मनोरमा को गुरुवार को पुणे से करीब 140 किलोमीटर दूर रायगढ़ जिले के महाड तालुका के हिरकनीवाड़ी में एक होमस्टे से गिरफ्तार किया गया है। पुणे कोर्ट ने उसे 20 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक (पुणे ग्रामीण) पंकज देशमुख ने बताया कि स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच बानेर में मनोरमा के बंगले की तलाशी के दौरान पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और मूल बंदूक लाइसेंस दस्तावेज बरामद किए।
पंकज देशमुख ने कहा कि हमारी स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने मनोरमा के बंगले की तलाशी के दौरान पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और बंदूक के लाइसेंस के दस्तावेज बरामद किए। तलाशी की कार्रवाई कुछ पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में की गई और इसकी वीडियोग्राफी भी की गई। इसके अलावा और कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है।
बता दें कि दिलीप ने 16 जुलाई को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उस समय पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास का आरोप नहीं जोड़ा था। दंगा, धमकी और आर्म्स एक्ट उल्लंघन जैसे अन्य सभी अपराध जमानती थे।
पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप और पांच अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, शस्त्र अधिनियम के तहत धमकी देने का मामला दर्ज किया है। अदालत की ओर से दी गई अग्रिम जमानत के चलते दिलीप खेडकर को पुलिस 25 जुलाई तक गिरफ्तार नहीं करेगी।
देशमुख ने कहा अदालत द्वारा दी गई अंतरिम सुरक्षा को देखते हुए, हम दिलीप खेडकर को 25 जुलाई तक गिरफ्तार नहीं करेंगे। जब उनकी याचिका पर अगली सुनवाई होगी तो हम सुनवाई में उन्हें जमानत दिए जाने का विरोध करेंगे और अदालत के ध्यान में लाएंगे कि मामले में हत्या के प्रयास का आरोप भी जोड़ा गया है। इससे पहले उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला नहीं जोड़ा गया था।












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