पुणे की अदिति पारथे भरेगी NASA के लिए उड़ान, पिता हैं दिहाड़ी मजदूर, घर में नहीं है स्मार्टफोन और कंप्यूटर
Pune girl Aditi Parathe selected for NASA: पुणे जिले के निगुडाघर गांव की 12 वर्षीय अदिति पारथे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कुछ नामुमकिन नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद, अदिति अब नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के दौरे पर अमेरिका जा रही हैं।
दरअसल, पुणे के ग्रामीण स्कूलों के 25 छात्रों को नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) जाने के लिए चुना गया है। इन बच्चों में अदिति परथे भी शामिल हैं, जिसनके पिता पुणे में दिहाड़ी मजदूर हैं। अदिति की यह उपलब्धि उन हजारों ग्रामीण बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी का सामना करते हैं।

3.5 किलोमीटर की पैदल चल कर जाती हैं रोज स्कूल
अदिति पुणे के भोर तालुका में अपने स्कूल पहुंचने के लिए 3.5 किलोमीटर की पैदल चल कर जाती हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अदिति के घर में किसी के पास स्मार्टफोन नहीं है और ना ही कोइ लैपटाप है, यहां तक कि उसके स्कूल में कोई भी कंप्यूटर काम नहीं कर रहा है।
सलेक्शन नहीं था आसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, NASA टूर जिला परिषद की एक पहल का हिस्सा है, जो इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IUCAA) के सहयोग से की जा रही है। इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसारIUCAA के सहयोग से, जिला परिषद के कक्षा 6 और 7 के 75 छात्रों का चयन तीन चरणों के परीक्षणों के माध्यम से किया गया, जो अगस्त में समाप्त हुए।
अदिति ने कभी ट्रेन तक का सफर नहीं किया
कक्षा 7 की छात्रा अदिति ने कभी ट्रेन से यात्रा नहीं की, लेकिन उसे अमेरिका में NASA मुख्यालय जाने के लिए चुना गया है। इस कार्यक्रम के लिए चुने गए छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामान्य परिवारों से हैं। पहले एमसीक्यू राउंड के लिए हजारों छात्र उपस्थित हुए, और चयनित छात्रों को एक ऑनलाइन एमसीक्यू टेस्ट देना पड़ा। अंतिम राउंड IUCAA में एक व्यक्तिगत साक्षात्कार था, जिसमें गणित और विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे।
अदिति को स्कूल ने दी कई सुविधाएं
स्थाानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अदिति के घरवालों ने बताया सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेलकूद, भाषण और नृत्य जैसे क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा दिखाई है। उनकी स्कूल शिक्षिका वर्षा कुठवाड़ ने बताया कि अदिति को अब साइकिल और बैग भी दिए गए हैं, और स्कूल ने उनके लिए लैपटॉप का भी अनुरोध किया है।
परिवार ने कभी हवाई जहाज नहीं देखा
अदिति की मौसी, जिन्होंने उन्हें बचपन से पाला है, ने बताया कि उनके परिवार ने कभी हवाई जहाज नहीं देखा। इसलिए, अदिति का अमेरिका जाकर नासा का दौरा करना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। यह अदिति के लिए पहला मौका होगा जब वह मुंबई से फ्लाइट में सवार होकर अमेरिका जाएंगी।
सलेक्शन के बाद क्या बोलीं अदिति?
नासा में अदिति वैज्ञानिकों से मुलाकात करेंगी और वहां के कामकाज को समझेंगी। अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए अदिति ने कहा, "जब प्रिंसिपल ने मेरी मौसी को बताया कि मेरा चयन हुआ है, तो वह बहुत खुश हुईं। मैंने अपनी मां को सुबह 7 बजे फोन कर बताया। इसके बाद मां ने मुझे 15 बार फोन किया।"












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