महाराष्ट्र चुनाव 2019: जानिए धुले रूरल विधानसभा सीट के बारे में
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मुंबई। महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान होंगे जबकि 24 अक्टूबर को चुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों के बारे में बात करें तो, धुले जिले के अंतर्गत आने वाली धुले रूरल सीट पर साल 2014 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने बाजी मारी थी। कांग्रेस पार्टी के कुनाल बाबा रोहिदास पाटिल ने भारतीय जनता पार्टी के मनोहर भदाने को 46,082 वोटों के भारी अंतर से हराया था।

कांग्रेस ने हासिल की थी बड़ी जीत
महाराष्ट्र के धुले लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें धुले रूरल, धुले सिटी, सिंदखेड़ा, मालेगांव सेंट्रल, मालेगांव आउटर और बगलान शामिल हैं। धुले रूरल से विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले कुनाल बाबा रोहिदास पाटिल को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट दिया था लेकिन वे बीजेपी के सुभाष रामराव भामरे से 2 लाख से अधिक वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। विधानसभा चुनावों की बात करें तो पाटिल ने धुले रूरल सीट पर साल 2014 के चुनावों में 119,094 वोट हासिल किए थे और अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के मनोहर भदाने को 46,082 वोटों से हराया था। बीजेपी उम्मीदवार को 73,012 मत हासिल हुए थे। तीसरे स्थान पर रहे एनसीपी उम्मीदवार किरण गुलाबराव पाटिल को 17,682 वोट मिले थे जबकि शिवसेना के शरद पाटिल को केवल 15,093 वोट मिले थे।
2009 में जीतने वाली शिवसेना चौथे स्थान पर खिसकी
शरद पाटिल ने 2009 के विधानसभा चुनाव में धुले रूरल सीट पर कुनाल बाबा रोहिदास पाटिल को मात दी थी, लेकिन 2014 के चुनाव में वे चौथे स्थान पर खिसक गए थे। इस चुनाव में 25 सालों के बाद शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे थे, इसका नुकसान शिवसेना को होता दिखाई दिया, जब बीजेपी उम्मीदवार ने 73,012 हासिल कर लिए, लेकिन शिवसेना के उम्मीदवार और पूर्व विधायक शरद पाटिल केवल 15 हजार वोट हासिल कर सके थे। धुले रूरल से मनसे ने भी उम्मीदवार उतारा था लेकिन अजय गोविंदराव माली केवल 2,452 वोट प्राप्त कर सके थे।
मुख्यत: खेती करते हैं यहां के लोग
वोट शेयर की बात करें तो धुले रूरल सीट पर कांग्रेस को 51.88 फीसदी वोट हासिल हुए थे। जबकि बीजेपी को 31.8 फीसदी वोट हासिल हुए थे। वहीं, एनसीपी को 7.7 और शिवसेना को 6.57 फीसदी वोट मिले थे। कुनाल बाबा रोहिदास पाटिल के पिता रोहिदास पाटिल पूर्व मंत्री हैं। इस इलाके के लोगों की बात करें तो, वे मुख्यत: खेती करते हैं। धुले ग्रामीण के इस इलाके में पहले आदिवासियों की बड़ी संख्या थी। ये महाराष्ट्र के पिछले इलाकों में आता है।
288 सदस्यीय इस विधानसभा में भाजपा 122 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। जबकि 25 सालों के बाद बीजेपी से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली शिवसेना ने 63 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 42 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाकी 13 सीटें छोटे दलों के खाते में गई थी, वहीं 7 निर्दलीय विधायक भी चुने गए थे।












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