Maharashtra Poll 2024: महाराष्ट्र चुनाव में महायुति पर महाअघाड़ी किन मुद्दों को लेकर करेगी अटैक?
Maharashtra assembly election: महाराष्ट्र विधानसभा की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में मतदान 20 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग ने मंगलवार को चुनाव की तारीख का ऐलान किया है। इस बार के चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का सीधा मुकाबला विपक्षी महाविकास अघाड़ी से होगा।
हालांकि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीख का ऐलान होने से लगभग एक महीने पहले से ही महाराष्ट्र में बता दें सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के बीच चुनावी जंग छिड़ चुकी है। विपक्षी गठबंधन सत्तारूढ़ महायुति सरकार को घेरने का एक भी मौका छोड़ रही है। वहीं शनिवार को सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल अजित पवार गुट वाली एसीपी विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले ने आग में घी का काम किया है।
आइए जानते हैं वोटरों से जुड़े वो कौन से मुद्दें हैं जिनको लेकर विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में शामिल कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना महायुति गठबंधन सरकार इस चुनावी दंगल में घेरने वाली है।

मराठा आरक्षण
महाराष्ट्र आरक्षण महाराष्ट्र में हमेशा से एक विवादित मुद्दा रहा है। याद रहे पिछली भाजपा सरकार ने 2018 में मराठा आरक्षण देने का फैसला सुनााया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मराठा समुदाय को दिए गए आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया था। इस सरकार पर लगातार मराठा आरक्षण को लेकर समय-समय पर दबाव बनाया जाता रहा, महायुति सरकार आरक्षण देने का आश्वासन देती रही लेकिन कानूनी झंझट से बचने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया। वहीं कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों ना केवल लंबे समय से इस मुद्दें पर महायुति सरकार को घेर रही हैं वहीं वोटरों को साधने के लिए अपने चुनावी वादों में मराठा आरक्षण देने को शामिल किया है।
किसान
विपक्षी पार्टियां किसानों के मुद्दें को जोर- शोर से उठाती रही हैं और महाराष्ट्र चुनाव में भी इस मुद्दें पर महायुति सरकार को घेरने वाली हैं क्योंकि महाराष्ट्र में किसानों के लिए केंद्र सरकार और राज्य तमाम योजनाएं चला रही है लेकिन राज्य में किसानों की आत्हत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 1,267 किसानों ने आत्महत्या कर ली। बीते छह महीने में सबसे अधिक किसानों की मौत के मामले विदर्भ क्षेत्र के अमरावती मंडल में सामने आए हैं। इनकी मौत की वजह बढ़ती लागत और फसलों के उत्पादन में गिरावट रहा।
इसके अलावा महाराष्ट्र में वर्तमान सरकार द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों और हाइवे निर्माण के कारण किसानों की कृषिभूमि पर खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते संबंधित क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ आंदोलन भी हुए। उन क्षेत्रों में विपक्षी गठबंधन किसानों को इसी मुद्दें पर साधने की कोशिश करेगा।
वोटरों की सहानभूति
इसके अलावा महाअघाड़ी गठबंधन में शामिल शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी के साथ एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने जो विश्वासघात किया जिसके कारण पिछली महाविकास अघाड़ी सरकार टूटी उसके लिए विपक्षी गठबंधन भाजपा पर निशाना साधता आया है। इस चुनाव में इस मुद्दें का भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करके एमवीए में शामिल ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी वोटरों की सहानभूति इकट्ठा करने की कोशिश करेंगी।
महाराष्ट्र में बढ़ता अपराध
महराष्ट्र में बीते कुछ महीनों में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। जिसमें बदलापुर के एक स्कूल में 4 साल की बच्चियों का रेप केस का मामला, हिट एंड रन के कई मामले शामिल हैं। इसके अलावा 13 अक्टूबर को सरकार में शामिल उपमुख्यमंत्री अजित पवार गुट की एनसीपी के विधायक बाबा सिद्दीकी की मुंबई में हत्या का मामला।
बता दें राष्ट्रीय अपराध रेकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में हर दिन महिलाओं के खिलाफ 88 आपराधिक घटनाएं दर्ज हुईं जो 2023 में बढ़कर 126 घटनाओं तक पहुंच गया । 2020 से 2023 की तुलना की जाए तो 2020 में महिलाओं के खिलाफ 31,701 मामले दर्ज हुए जो 2023 में इनकी संख्या बढ़कर 45,434 हो गई।












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