Patra Chawl land scam: शिवसेना सांसद संजय राउत को मिली जमानत, 3 महीने से बंद हैं जेल में
पात्रा चॉल मामले में पिछले 3 महीने से ज्यादा समय से जेल में बंद शिवसेना सांसद संजय राउत को जमानत मिल गई है। मुंबई की पीएमएलए कोर्ट की तरफ से उन्हें बुधवार को जमानत दे दी गई है। इससे पहले पीएमएलए कोर्ट ने राउत की याचिका पर 2 नवंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिस पर आज सुनवाई हुई और उन्हें जमानत दे दी गई।
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हालांकि, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने जमानत आदेश के अमल पर कुछ समय के लिए रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन, मुंबई की पीएमएलए कोर्ट ने शिवसेना सांसद संजय राउत और सह-आरोपी प्रवीण राउत की जमानत के आदेश पर रोक को खारिज कर दिया। वहीं, अब एएसजी ने संजय राउत की जमानत का विरोध करने वाली उनकी अर्जी का जिक्र किया और उन्हें दी गई जमानत पर रोक लगाने की मांग की। जिस पर जस्टिस भारती डांगरे की सिंगल जज बेंच सुनवाई कर रही है।
कोर्ट के आदेश के बाद समर्थकों ने बजाईं तालियां
संजय राउत के जमानत पर फैसला आने के बाद से उनके समर्थक खुश हैं। बुधवार को कोर्ट ने जैसे ही फैसला सुनाया, वैसे ही समर्थकों खुशी के मारे ताली बजाने लगे। शिवसेना सांसद की जमानत याचिका पर कई बार इससे पहले सुनवाई हुई थी, लेकिन जमानत नहीं मिल पा रही थी।
क्या है पात्रा चॉल?
मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का प्लॉट है। पात्रा चॉल जमीन मामले में करीब 1034 करोड़ के घोटाले का आरोप है। इस मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत के सहयोगी प्रवीन राउत की 9 करोड़ रुपए और संजय राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है। मामले में ईडी प्रवीन राउत को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। प्रवीन पर आरोप है कि उन्होंने चॉल में रह रहे लोगों से धोखाधड़ी की। रिपोर्ट के मुताबिक, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल के 3000 फ्लैट को डेवलप करने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट यहां रहने वालों को देना था। बाकी फ्लैट्स महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी और डेवलपर के बीच में बांटे जाने थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2010 में संजय राउत के सहयोगी प्रवीन राउत ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी के 25 प्रतिशत शेयर एचडीआईएल को बेच दिए थे। इसके बाद साल 2011, 2012 और 2013 में प्लॉट के कई हिस्सों को दूसरे निजी बिल्डर्स को बेच दिया गया। साल 2020 में पीएमसी बैंक घोटाले की जांच के दौरान गुरु आशीष कंपनी का नाम सामने आया था। प्रवीन राउत की पत्नी माधुरी राउत के खाते से 2010 में संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का लोन दिया गया था। संजय राउत पर आरोप है कि इन्हीं पैसों से उन्होंने मुंबई के दादर इलाके में फ्लैट खरीदा था। इसी को लेकर ईडी की तरफ से उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है।
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