Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

नितिन गडकरी ने रामदास अठावले पर की मजेदार टिप्पणी, कहा-'चौथी बार हमारी सरकार लौटेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं'

Maharashtra Politics: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने सहयोगी और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास अठावले पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारी सरकार चौथी बार लौटेगी या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं है। लेकिन यह पक्का है कि रामदास अठावले मंत्री जरूर बनेंगे। गडकरी ने तुरंत यह भी स्पष्ट किया कि वह केवल मजाक कर रहे थे। यह हल्की-फुल्की बातचीत राजनीतिक नेताओं के बीच सौहार्द और सहजता को दर्शाती है।

रामदास अठावले ने अब तक तीन अलग-अलग सरकारों में मंत्री पद संभालते हुए अपनी राजनीतिक दीर्घायु का प्रदर्शन किया है। आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अठावले की पार्टी आरपीआई का लक्ष्य राज्य की राजनीति में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करना है। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन जिसमें भाजपा, शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी शामिल हैं। राज्य की राजनीति में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

nitin gadkari

रामदास अठावले ने आगामी चुनावों के लिए अपनी पार्टी की रणनीति स्पष्ट कर दी है। आरपीआई (ए) 18 संभावित निर्वाचन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने का इरादा रखती है। अठावले की रणनीति विशेष रूप से विदर्भ, नागपुर, उमरेड, उमरखेड़ और वाशिम क्षेत्रों पर केंद्रित है। पार्टी का लक्ष्य 10 से 12 सीटों पर जीत हासिल करना है। जिससे वह महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सके।

हालांकि अठावले ने महायुति गठबंधन में कैबिनेट पदों और राज्य निकायों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं को लेकर वादाखिलाफी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अजित पवार की एनसीपी के महायुति में शामिल होने के बाद आरपीआई (ए) को दरकिनार कर दिया गया। अठावले ने इसे गठबंधन के भीतर राजनीतिक चालों का नतीजा बताया। जो सत्ता के वितरण में जटिलताओं को उजागर करता है।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और राज्य की 288 सीटों पर कड़ी टक्कर की उम्मीद है। भाजपा, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच चुनावी मुकाबला इस बार भी बेहद दिलचस्प होगा। इन चुनावों के नतीजे न केवल राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकते हैं। बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

महाराष्ट्र चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। नितिन गडकरी की रामदास अठावले पर मजाकिया टिप्पणी राजनीति के हल्के-फुल्के पक्ष को उजागर करती है। वहीं अठावले की चुनावी तैयारियां उनकी गंभीर राजनीतिक योजनाओं को दर्शाती हैं। आगामी चुनाव राज्य के राजनीतिक भविष्य को नए सिरे से परिभाषित कर सकते हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+