PFI से जुड़े मामले में NIA की मुंबई में सुबह 5 बजे छापेमारी, 6 घंटे तक नहीं खुला दरवाजा, फिर...
मुंबई के विक्रोली के पार्कसाइट में एक चॉल स्थित घर में बुधवार सुबह 5 बजे अचानक खलबली मच गई। जब आतंकी जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े मामले में छापेमारी करने पहुंच गई। खास बात यह रही कि घर के मालिक अब्दुल वाहिद शेख ने एनआईए के अधिकारियों को अपने घर के बाहर 6 घंटे तक रोके रखा। उसने दरवाजा नहीं खोला।
अधिकारी ने बताया कि अब्दुल वाहिद शेख के दरवाजा घंटों खटखटाते रहे। लेकिन, उनसे नहीं खोला। शेख ने अपने वकील और कुछ स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के मौके पर पहुंचने के बाद सुबह करीब 11.15 बजे एनआईए की टीम के लिए दरवाजा खोला। एनआईए की टीम उसके आवास में दाखिल हुई और पीएफआई से संबंधित मामले के संबंध में पूछताछ शुरू की।

5 घंटे चली छापेमारी
शेख के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। उनके घर पर केंद्रीय जांच एजेंसी की तलाशी 5 घंटे से अधिक चली। उनके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार यात्रा के दौरान व्यवधान पैदा करने के मामले में प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ देश के छह राज्यों में कई स्थानों पर की गई छापेमारी का हिस्सा थी। अपने सर्च ऑपरेशन और पूछताछ के बाद एनआईए की टीम शाम करीब साढ़े चार बजे शेख के आवास से निकली।
शेख ने लगाया एनआईए टीम पर ये आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख ने कहा कि मेरे घर आए लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया और सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। ये लोग सुबह 5 बजे पहुंचे और अपनी पहचान नहीं बता रहे थे। इसलिए, मैंने कहा कि मैं पुलिस बुलाऊंगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने सहयोग करने के लिए कानूनी नोटिस भी मांगा था।
कौन है अब्दुल वाहिद शेख?
आपको बता दें कि अब्दुल वाहिद शेख, 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोटों का आरोपी था, लेकिन बाद में बरी कर दिया गया।












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