Nepal Gen Z Protest: नेपाल में जो हुआ उसके पीछे किस देश का हाथ? महाराष्ट्र के मंत्री ने कर दिया बड़ा दावा
Nepal Gen Z Protest: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने को मुद्दा बनाकर Gen Z ने जमकर उपद्रव किया।Gen Z के उग्र विरोध-प्रदर्शन और आगजनी के चलते प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा और उनकी सरकार का तख्तापटलट हो गया Gen Z के इस उग्र प्रदर्शन की आग में जले नेपाल की हालत अब पहले से बेहतर है लेकिन अब ये सवाल उठ रहा है कि इसके पीछे क्या किसकी साजिश थी?
इसी बीच नेपाल की हिंसा से जोड़कर भारत में सोशल मीडिया पर पर कई मैसेज फारवर्ड हो रहे हैं। जिसको लेकर महाराष्ट्र की पुलिस अलर्ट हो चुकी है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे भड़काऊ मैसेज को रोकना है जो लोगों के बीच नफरत या अशांति फैला सकते हैं। इसी बीच महाराट्र के गृह मंत्री योगेश कदम ने नेपाल में Gen-Z के विरोध-प्रदर्शन के पीछे किस देश का हाथ हो सकता है, इसको लेकर बड़ा दावा कर डाला है।

दरसअल, महाराष्ट्र में गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने नेपाल हिंसा के बाद महाराष्ट्र के हालात पर बात करते हुए कहा कि उनकी विभाग की टीम ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रख रही है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसा भड़काने या अफवाहें फैलाकर अशांति पैदा करने की कोशिश करते हैं।
कदम ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य की सोशल मीडिया नीतियां बहुत सख्त हैं। उन्होंने बताया कि उनकी साइबर सेल मजबूत है और उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाहों को फैलने से पहले ही रोक दिया है।
नेपाल में Gen Z के उग्र प्रदर्शन के पीछे किस देश का हाथ?
नेपाल में हुई हिंसा पर टिप्पणी करते हुए योगेश कदम ने इसमें चीन का इंफ्ल्यूएन्स यानी प्रभाव की संभावना जताई है। कदम ने कहा, "यह समझना बहुत जरूरी है कि नेपाल में ऐसा क्यों हुआ। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मेरी पीएचडी है, और नेपाल पर चीन का इंफ्ल्यूएन्स एक ऐसा एंगल है जिस पर विचार होना चाहिए।"
कदम बोले- यह मेरा व्यक्तिगत विश्लेषण है
कदम ने सोशल मीडिया को बिना किसी पूर्व सूचना के पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के फैसले को 'बेहद कड़ा' बताया। उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल से ऐसे निर्णयों से पूरी तरह से अशांति फैलती है। यह मेरा व्यक्तिगत विश्लेषण है, किसी राजनीतिक या जानकारी के आधार पर नहीं बोल रहा हूं।"
नेपाल में Gen Z के उग्र प्रदर्शन में चली गई कई जान
ध्यान रहे, नेपाल में 8 सितंबर को छात्रों ने सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था, जो बाद में हिंसक हो गया। मजबूर होकर केपी ओली को इस्तीफा देना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में राजधानी काठमांडू में बड़े नेताओं के घरों और सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इन विरोध प्रदर्शनों में 30 लोगों की मौत हो गई और लगभग 400 लोग घायल हुए। ओली सरकार की सत्ता पलट के बाद नेपाल में अंतरिम सरकार बनाने के लिए खींचतान चल रही है।












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