नवाब मलिक के बचाव में उतरे शरद पवार, कहा- मुस्लिम होने की वजह से दाऊद से जोड़ा जा रहा है नाम
मुंबई, मार्च 05। महाराष्ट्र की राजनीति में नवाब मलिक की गिरफ्तारी को लेकर जबरदस्त सियासत हो रही है। एक तरफ बीजेपी नवाब मलिक के इस्तीफे की मांग कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस तीनों ही पार्टियां इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन इस बीच NCP प्रमुख शरद पवार ने नवाब मलिक की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नवाब मलिक का बचाव किया है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शरद पवार ने कहा कि नवाब मलिक की गिरफ्तारी एक राजनीतिक बदला है, जब भी बीजेपी किसी मुस्लिम पार्टी के कार्यकर्ता को आगे बढ़ते देखती है तो उसका नाम दाऊद से जोड़ दिया जाता है।

नारायण राणे ने क्यों नहीं दिया था इस्तीफा?
शरद पवार ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि आपने नारायण राणे से इस्तीफा क्यों नहीं लिया था, जब उन्हें गिरफ्तार किया था, नारायण राणे पर बीजेपी एकदम चुप है, लेकिन नवाब मलिक का इस्तीफा मांग रही है। आपको बता दें कि ईडी ने 23 फरवरी को नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ये गिरफ्तारी हुई थी।
नवाब मलिक की गिरफ्तारी को लेकर चिंतित नहीं हूं- शरद पवार
मीडिया से बात करते हुए शरद पवार ने कहा कि नवाब मलिक को दाऊद से इसलिए जोड़ा जा रहा है, क्योंकि वो मुसलमान हैं। शरद पवार ने कहा कि नवाब मलिक और उनके परिवार के सदस्यों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, लेकिन हम इसका विरोध करेंगे। नवाब मलिक की गिरफ्तारी को लेकर मैं चिंतित नहीं हूं क्योंकि एक बार मुझे भी इन आरोपों का सामना करना पड़ा था, जिनमें कोई दम नहीं था।
'नवाब मलिक और नारायण राणे के अलग-अलग मानदंड'
शरद पवार ने इस दौरान बीजेपी के द्वारा उठाई जा रही नवाब मलिक के इस्तीफे की मांग को भी खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और नवाब मलिक पर अलग-अलग मापदंड लागू किए जा रहे हैं, बीजेपी वैसे तो नवाब मलिक की गिरफ्तारी के बाद से उनका इस्तीफा मांग रही है, लेकिन नारायण राणे के मामले में उनसे इस्तीफा क्यों नहीं लिया था, इसलिए पता चलता है कि नवाब मलिक की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है।












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