Nagpur Row Update: नागपुर में कर्फ्यू का दूसरा दिन, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च, जानिए इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें
Nagpur Row Update: औरंगजेब की कब्र को लेकर भड़की हिंसा की लपटों में सोमवार 17 मार्च की रात सेंट्रल नागपुर झुलस गया। इस विवाद में पुलिस को भी नहीं बख्शा गया और उन पर भी पत्थरबाजी हुई और दर्जनों गाड़ियां राख कर दी गई।
आज कर्फ्यू का दूसरा दिन है और शहर में पुलिस बल तैनात है। पुलिस लोगों से अफवाहों पर ध्यान ना देनें और शांति बनाए रखने की अपील कर रही है अब सवाल ये है कि क्या नागपुर में जानबूझकर सुलगती चिंगारी को हवा दी गई?

Nagpur Row Update: अब तक इस हिंसा में क्या-क्या हुआ इन 10 प्वाइंट्स से समझिए...
नागपुर शहर में धारा 163 लागू है और पुलिस को हर हाल में शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। धारा 163 के उल्लंघन के मामले में अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने आदेश दिया गया है।
1. नागपुर पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस हिंसा की शुरुआत सोमवार 17 मार्च को शाम करीब साढ़े सात बजे के करीब हुई। दरअसल, यह अफवाह फैली की औरंगजेब की कब्र को को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ जलाया गया है।
2. इसके बाद मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में हिंसा भड़क उठी। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिसमें 6 आम नागरिक और 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
3. पुलिस के अनुसार, दूसरी बार हिंसा पुराने भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में रात साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे के बीच एक और झड़प हुई जिसमें बेकाबू भीड़ ने कई वाहनों को जला दिया और आस-पास के घरों में तोड़-फोड़ की।
4. विश्व हिंदू परिषद ने औरंगजेब की कब्र पर राजाराम महाराज और धनाजी जाधव का स्मारक बनाने की मांग की है। वीएचपी के नेता देवेश मिश्रा ने कहा कि औरंगजेब का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
5. नागपुर पुलिस ने पुलिस आयुक्त रविन्द्र सिंघल के नेतृत्व में चिटनिस पार्क चौक से लेकर भल्दारपुरा चौक, अग्रसेन चौक, सेवा सदन चौक और गीतांजलि टॉकीज चौक होते हुए हंसपुरी रोड तक रूट मार्च निकाला।
6. पुलिस आयुक्त रविन्द्र सिंघल के मुताबिक पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और अचानक इतना भायनक रुप कैसे ले लिया?
7. पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने बताया कि रूट मार्च निकालने का मकसद यह समझना था कि कहीं हिंसा दोहराने की कोई साजिश तो नहीं रची जा रही है। रूट मार्च से क्षेत्र पर नियंत्रण सुनिश्चित होता है और इससे लोगों का विश्वास नहीं टूटता और उन्हें पता चलता है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
8. इससे पहले, 18 मार्च को सांभाजी नगर के जिला कलेक्टर दिलीप स्वामी ने बताया कि जिले में स्थिति शांतिपूर्ण है। डीसी ने नागपुर हिंसा पर लोगों से अफवाह न फैलाने का अनुरोध किया है और जिले में शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है।
9. इस हिंसा की आंच महाराष्ट्र विधानसभा तक दिखी। सदन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हिंसा को पूर्व नियोजित बताया। फडणवीस ने इसके लिए फिल्म छावा को जिम्मेदार ठहराया जिसमें संभाजी महाराज के खिलाफ औरंगजेब द्वारा किए गए क्रूर अत्याचारों को दिखाया गया है।
10. शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने नागपुर हिंसा को लेकर बीजेपी पर हमला बोला उन्होंने कहा कि नागपुर में जो भी हिंसा हुई है। वह बीजेपी महाराष्ट्र को मणिपुर में बनाना चाहते हैं। आदित्य ठाकरे ने सलाह दी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर इस मसले का हल निकालें।












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