Mumbai School Close: मुंबई में स्कूल आज बंद रहेंगे या खुले? जान लें शिक्षा विभाग का लेटेस्ट अपडेट
Mumbai School Close: महाराष्ट्र में शनिवार (6 दिसंबर) को स्कूल बंद रहने की आशंका बढ़ गई है। इस दिन बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस होने के साथ ही शिक्षकों के संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारी दोनों इस हड़ताल में शामिल हैं। मुंबई के शिक्षक और स्कूल स्टाफ इस हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, स्कूलों के बंद होने का कोई सरकारी ऐलान नहीं हुआ है। राज्य सरकार ने चेतावनी भी जारी की है।
महाराष्ट्र के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शैक्षणिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। राज्य के लगभग 25,000 स्कूलों में से करीब 18,000 स्कूलों ने 9वीं और 10वीं कक्षा की कक्षाएं पूरी तरह से स्थगित कर दी हैं। मुंबई में भी सरकारी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा है।

Mumbai School Close: स्कूल बंद रहेंगे या होगी पढ़ाई?
- मुंबई में हड़ताल का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन मराठवाड़ा क्षेत्र में स्थिति अधिक गंभीर है और यहां कई स्कूल बंद रहे हैं।
- यह हड़ताल उस समय हो रही है जब 10वीं बोर्ड परीक्षा निकट है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
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- माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा के निदेशक डॉ. महेश पालकर ने सभी जिले के शिक्षा अधिकारियों और मुंबई महानगरपालिका को निर्देश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, स्कूल किसी भी स्थिति में खुले रहने चाहिए।
- सरकार की ओर से शैक्षिक गतिविधियां बंद रहने का कोई सरकारी आदेश नहीं है। तकनीकी तौर पर स्कूल खुले हैं, लेकिन शिक्षक संघों और कर्मचारी संघों का कहना है कि वह हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे में पढ़ाई बाधित होने की पूरी आशंका है।
सरकार ने हड़ताल पर लिया सख्त एक्शन
इसी बीच, सरकार ने हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार ने साफ कहा है कि हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी काटी जाएगी। सरकार के इस आदेश के बाद शिक्षकों में नाराज़गी और बढ़ गई है। महानगरपालिका शिक्षकों के संघ ने सरकार की कार्यवाही को अनुचित बताते हुए कहा कि एक दिन की सैलरी काटना शिक्षकों के अधिकारों पर हमला है। हमारा संगठन आंदोलन का पूरा समर्थन करेगा।
राज्य के दूसरे शिक्षक संगठनों ने भी साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और कार्यस्थल पर उपलब्ध सुविधाओं में सुधार शामिल हैं। आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच टकराव कब तक चलता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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