Mumbai Ram Navami Controversy: बीजेपी नेता की मांग, 'मस्जिद-नमाज के नाम पर शोभा यात्रा पर नहीं लगे रोक'
Mumbai Ram Navami Controversy: मुंबई में रामनवमी जुलूस के मस्जिदों के पास से निकलने पर आपत्ति जताई गई थी। कुछ इलाकों में नमाज का हवाला देते हुए भी जुलूस का समय और रास्ता बदलने को लेकर विवाद हुआ था। Kirit Somaiya ने मुंबई में रामनवमी और अन्य हिंदू त्योहारों की शोभायात्राओं को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने पत्र लिखकर पुलिस की उस कथित प्रथा पर सवाल उठाए हैं, जिसमें मस्जिदों के पास से गुजरने के दौरान शोभायात्राओं को रोकने या शांत रखने के निर्देश दिए जाते हैं।
सोमैया का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से मुंबई और महाराष्ट्र में पुलिस इस तरह की व्यवस्था लागू कर रही है, जिसे वे अनुचित मानते हैं। उनका कहना है कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के नाम पर हिंदू धार्मिक आयोजनों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

Mumbai Ram Navami Controversy: मुंबई में कई इलाकों में लगी थी रोक
उन्होंने हाल ही में रामनवमी के दौरान घाटकोपर, पवई और चेंबूर जैसे इलाकों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई जगहों पर शोभायात्राओं को नमाज के समय रोक दिया गया। इसके अलावा, आयोजकों को 200-300 मीटर पहले ही यात्रा को शांत रखने, लाउडस्पीकर बंद करने और कुछ मामलों में रास्ता बदलने के निर्देश भी दिए गए।
Ram Navami Controversy: घाटकोपर की घटना का किया जिक्र
सोमैया ने विशेष रूप से घाटकोपर की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 26 मार्च 2026 को रामनवमी शोभायात्रा को करीब 45 मिनट तक रोका गया था, जो उनके अनुसार नमाज के कारण हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों पर दबाव बनाते हुए नियमों का हवाला दिया।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ BJP इस मुद्दे को धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रही है। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं। फिलहाल, इस मुद्दे पर मुंबई में बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है। सभी की नजर अब इस पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या इस तरह की SOP में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।












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