Mumbai Metro: 2030 तक कितनी लाइनें तैयार होंगी? 5 साल में कैसे बदलेगा मंबईकरों का सफ़र?
Mumbai Metro: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) शहर और उपनगरों में 300 किलोमीटर से अधिक का एक बड़ा मेट्रो नेटवर्क तैयार कर रही है। अनुमान है कि निर्माणाधीन 374 किलोमीटर मेट्रो कॉरिडोर का अधिकांश हिस्सा 2027 तक आंशिक रूप से चालू हो जाएगा।
आगामी पाँच वर्षों में मुंबई का मेट्रो नेटवर्क कैसा दिखेगा, इस पर एक नज़र डालते हैं। वर्तमान में कई मेट्रो लाइनें निर्माणाधीन हैं, जिनमें लाइन 2बी (डीएन नगर-मंडले) शामिल है, जो 23.6 किलोमीटर लंबी है और इसमें 20 स्टेशन हैं। इसके अलावा, लाइन 4 और 4ए (वडाला-गैमुख) भी निर्माणाधीन है, जिसकी कुल लंबाई 32.3 किलोमीटर है और इसमें 2.9 किलोमीटर का विस्तार भी शामिल है।

लाइन 5 (ठाणे-भिवंडी-कल्याण) 24.9 किलोमीटर लंबी है, जबकि लाइन 6 (स्वामी समर्थ नगर-विक्रोली) 15.3 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इनके साथ ही, लाइन 7ए, लाइन 9, लाइन 12 जैसी छोटी और कनेक्टिंग लाइनें भी विकास के विभिन्न चरणों में हैं।
2030 तक, एक बहुत व्यापक नेटवर्क उपनगरीय क्षेत्रों (उत्तर, पूर्व, पश्चिम) में दूर तक पहुंचेगा और पहले से परिधीय क्षेत्रों को भी जोड़ेगा। इससे मेट्रो, उपनगरीय रेल, बसों और अन्य परिवहन साधनों के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा।
लाइन 2बी (डीएन नगर-मंडले) का मुख्य खंड 2025-26 तक पूरा होने की उम्मीद है और 2030 तक यह पूरी तरह से चालू हो जाएगी। लाइन 4/4ए (वडाला-गैमुख) का पहला चरण 2025 और उसके बाद के चरण 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है, जबकि 2030 तक यह पूरा कॉरिडोर चालू हो जाएगा।
लाइन 5 (ठाणे-भिवंडी-कल्याण) पर काम चल रहा है और कुछ हिस्से 2025-26 तक खुल सकते हैं। लाइन 6 (स्वामी समर्थ नगर-विक्रोली) का पहला खंड 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है और 2030 तक यह पूरी तरह से कार्यशील हो जाएगी।
लाइन 9 (दहिसर ई-मीरा भायंदर) एक एलिवेटेड कॉरिडोर है, जिसका चरणबद्ध उद्घाटन 2025/26 में अपेक्षित है। लाइन 12, लाइन 10, लाइन 14 जैसे प्रस्तावित और लंबी अवधि के कॉरिडोर 2030 तक आंशिक रूप से खुल सकते हैं, लेकिन इनकी पूर्णता में थोड़ा और समय लगेगा।
इन विस्तारों का यात्रियों के लिए गहरा महत्व है। इससे उपनगरों और व्यावसायिक/हवाई अड्डे के केंद्रों तक यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। ठाणे, भिवंडी, कल्याण, मीरा-भायंदर जैसे क्षेत्रों को केवल उपनगरीय ट्रेनों या सड़कों के बजाय मेट्रो की सुविधा मिलेगी।
प्रमुख कॉरिडोर पर सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम होगी, जहां समानांतर मेट्रो लाइनें उपलब्ध होंगी। यात्री मेट्रो लाइनों, उपनगरीय रेल और बसों के बीच आसानी से स्विच कर पाएंगे। MMRDA का अनुमान है कि 2031 तक नेटवर्क के पूरी तरह से चालू होने पर प्रतिदिन 60 लाख (6 मिलियन) यात्री मेट्रो का उपयोग करेंगे।












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