Mumbai local train: MUTP पर करोड़ों हो चुके हैं खर्च, लेकिन मुंबई लोकल ट्रेन मे भीड़ और परेशानी ज्यों की त्यों
Mumbai local train:मुंबई में लोकल ट्रेनों में भीड़ कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP) की शुरुआत की गई थी। इस परियोजना का लक्ष्य यात्रियों के लिए उपनगरीय रेल यात्रा को सुरक्षित और समयबद्ध बनाना था।
हालांकि, इस पहल पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद, ट्रेनों में भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं का खतरा आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई महत्वपूर्ण कार्य जो इस परियोजना का हिस्सा थे, वे वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिससे इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भीड़ कम करना, दुर्घटनाओं के जोखिम को नियंत्रित करना और ट्रेनों के देरी से चलने की समस्या को हल करना था। लेकिन MUTP प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ और अव्यवस्था कम नहीं हो रही है। यात्रियों को अभी भी उसी तरह की असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे परियोजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
मुंबई में स्थानीय रेल यात्रियों को मौजूदा समय में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि शहर की कई महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं या फिर उन पर काम रुका हुआ है। इससे उपनगरीय ट्रेनों में भीड़ और असुविधाएं बनी हुई हैं।
MUTP प्रोजक्ट पर अब तक कितना खर्च हो चुका है और प्रोजेक्ट की है स्थिति?
- MUTP4-1 4,500 करोड़ , 2003 के मध्य में शुरू हुआ और 2011 के मध्य में पूरा हुआ
- MUTP-2 5,300 करोड़, 2027 में शुरू हुआ और 2027 में पूरा होने की संभावना है।
- MUTP-3 10, 947 करोड़ खर्च, कुछ काम शुरू हुआ, बहुत प्रोजेक्ट अभी बाकी है।
- MUTP-3B 33,690 करोड़ खर्च होंगे, मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है निविद प्रक्रिया लंबित है।
- कुर्ला-सीसएमटी का पांचवें सहायक मार्ग पर 7 हजार करोड़ खर्च होना है, अभी कार्य कागज पर ही है।
- MUTP - 440 हजार करोड़ खर्च हो चुके हैं और मौजूदा स्थिति अभी अभ्यास व योजनाएं लंबित हैं।
MUTP के तीसरे चरणकी योजनाओं में एसी ट्रेन ओर नई रेलवे लाइन
- मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (MUTP) के तीसरे चरण, विशेषकर MUTP-3A और 3B के विस्तार पर काफी ध्यान दिया गया है।
- केंद्र और राज्य सरकारों ने संयुक्त रूप से 238 वातानुकूलित लोकल ट्रेनों की खरीद को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, लगभग 136 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
- इन नई लाइनों में बदलापुर-कर्जत और असनगांव-काशारा जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर शामिल हैं, जिनका उद्देश्य मुंबई की उपनगरीय रेल व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। ये परियोजनाएँ मुंबई रेल विकास निगम (MRVC) की देखरेख में हैं।
- MRVC ने 15,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना भी घोषित की है, जो MUTP के तीसरे चरण (3B) का हिस्सा है।
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य मालगाड़ियों और लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक बनाना है, जिससे लोकल ट्रेनों को भीड़ और देरी से बचाया जा सके।












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