Mumbai Local Train: 12 कोच वाली Non AC ट्रेन का ट्रायल शुरू, यात्रियों को क्या मिलेगी सुविधाएं?
Mumbai Local Train Non AC 12 Coach: मुंबई में लोकल ट्रेन में चलने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लाखों यात्रियों के लिए दैनिक यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शहर में जल्द ही बंद दरवाजे वाली गैर-एसी लोकल ट्रेनें शुरू हो रही हैं। ट्रेन के चलते समय दरवाजे बंद रहने से दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है, जिसकी मुंबई को वर्षों से जरूरत है।
सेंट्रल रेलवे ने अपनी पहली 12-कोच वाली नॉन-एसी लोकल ट्रेन का ट्रायल शुरू कर दिया है। यह अत्याधुनिक EMU रेक की सबसे प्रमुख विशेषता है कि इसमें ऑटोमैटिक डोर लगे हैं जो एंटी-ड्रैग सुविधा से युक्त है। फेवेली द्वारा निर्मित ये स्लाइडिंग दरवाजे यात्रियों के आकस्मिक रूप से गिरने या असुरक्षित यात्रा करने से रोककर उनकी सुरक्षा को बढ़ाते हैं। यह सुविधा मुंबई की भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी।

Non AC Train के डिब्बों की खासियत
यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, ट्रेन में चौड़े दरवाजे और मजबूत ग्रैब पोल दिए गए हैं। सेकेंड क्लास के डिब्बों में टिकाऊ स्टेनलेस स्टील की सीटें लगाई गई हैं, जबकि फर्स्ट क्लास में यात्रियों के आराम के लिए गद्देदार सीटों की व्यवस्था की गई है। दरवाजों पर लूवर्स और बड़ी खिड़कियां हैं, जो बंद होने पर भी डिब्बों में प्राकृतिक प्रकाश और हवा का पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित करती हैं।

ट्रेन के कोच में शानदार वेंटिलेशन
ट्रेन के कोच को हवा के अवागमन को और बेहतर बनाने के लिए रूफ माउंटेड वेंटिलेशन यूनिट्स (RMVU) स्थापित की गई हैं। ये यूनिट मौजूदा सिस्टम की तुलना में काफी अधिक, यानी 10,000 m³/घंटा की दर से ताजी हवा देती हैं। डिब्बों के बीच बेहतर आवाजाही और हवा के समान वितरण के लिए, (6+3 संरचना में) उत्तम वेस्टिब्यूल कनेक्टिविटी (आधे गैंगवे) भी दी गई है।
हाई क्वालिटी इमरजेंसी अलार्म सिस्टम
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, रेक में बाहरी रीसेट सुविधा के साथ एक हाई क्वालिटी इमरजेंसी अलार्म सिस्टम शामिल है, जिससे भीड़भाड़ वाले डिब्बों में एंट्री किए बिना इसे तुरंत रीसेट किया जा सकता है। इमरजेंसी एग्जिट के लिए, सरकते दरवाजों वाले नलीदार विभाजक और चौड़ी सीढ़ियां लगाई गई हैं, जो लोगों को आसानी से बाहर निकालने में मदद करती हैं।
सभी कोच में लगाए गए हैं CCTV कैमरे
आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, ट्रेन एडवांस धुआं और गर्मी का पता लगाने वाले सिस्टम से सुसज्जित है। त्वरित प्रतिक्रिया के लिए ड्राइवर के कैब में एक अलार्म सिस्टम भी मौजूद है। सभी यात्री डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा और निगरानी बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के लिए वॉइस और वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम (CVVRS) भी लगाई गई है।
कितनी हैं यात्रियों के लिए सीटें?
सेंट्रल रेवले अधिकारियों के अनुसार, इस नई लोकल ट्रेन का ढांचा एसी लोकल गाड़ियों जैसा है और इसमें कुछ एसी उपकरण भी इस्तेमाल किए गए हैं। यात्रियों की कुल वहन क्षमता 5,700 रखी गई है। इसमें खड़े होने वाले यात्रियों के लिए जगह बढ़ाने के लिए सीटों की संख्या 1,003 कर दी गई है, जो नियमित ट्रेनों की 1,028 सीटों से कम है।
इस 12-कोच वाली रेक में एक अतिरिक्त प्रथम श्रेणी का डिब्बा भी शामिल है। ट्रेन के दोनों छोर पर लगेज कंपार्टमेंट उपलब्ध हैं, और इसमें तीन वेस्टिब्यूल कोच भी हैं।
AC है ड्राइविंग कैब
ड्राइवरों के कार्य वातावरण को सुधारने के लिए, ड्राइविंग कैब को एसी बनाया गया है। बिना वातानुकूलित उपनगरीय ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे की सुविधा शुरू करना, सेंट्रल रेलवे द्वारा क्षमता से समझौता किए बिना यात्री सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी कदम है। यह प्रयास मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने की योजना का हिस्सा है।













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