Mumbai CNG Crisis: सीएनजी की किल्लत से थमा मुंबई ट्रांसपोर्ट, ऑटो-टैक्सी के किराए से यात्रियों की जेब पर असर
Mumbai CNG Crisis: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई जब महानगर गैस लिमिटेड (MGL) की एक बड़ी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद शहर के कई हिस्सों में CNG सप्लाई बाधित हुई और हजारों ऑटो, टैक्सी, स्कूल बसें और अन्य CNG वाहन सड़क से गायब हो गए। CNG पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और ऑटो-टैक्सी चालकों ने किराया अचानक दोगुना तक बढ़ा दिया।
MGL ने बताया कि मंगलवार, 18 नवंबर दोपहर तक गैस सप्लाई बहाल कर दी जाएगी, फिलहाल शहर के करीब 60% CNG पंप ही चालू हैं। सप्लाई बंद होने की वजह CGS वडाला पर गैस फ्लो रुक जाना है, जहां से पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में गैस वितरित की जाती है।

एयरपोर्ट पर 'सुपर कैओस' - कैब नहीं, यात्रियों की लंबी लाइनें
CNG सप्लाई बाधित होते ही इसका असर मुंबई एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा देखने को मिला। यात्रियों ने बताया कि Uber, Rapido और अन्य राइड-हेलिंग ऐप्स की कैब उपलब्ध ही नहीं हैं, जिसके कारण एयरपोर्ट पर 'सुपर कैओस' मचा रहा। पैसेंजर्स ऑटो-टैक्सी के मनमाने किराए से परेशान हैं उन्होंने कहा कि, MIDC से अंधेरी तक का किराया ₹89 आता है, लेकिन ऑटोवालों ने CNG संकट का हवाला देकर ₹150-200 मांगे।
पाइपलाइन कब होगी ठीक?
MGL ने बताया कि यह संकट "थर्ड-पार्टी डैमेज" के कारण हुआ है, जब GAIL की मुख्य पाइपलाइन RCF (रासायनिक खाद फैक्ट्री) परिसर के अंदर क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण वडाला के City Gate Station (CGS) पर गैस फ्लो बंद हो गया और मुंबई, ठाणे व नवी मुंबई के कई पंप ठप हो गए। मंगलवार, 18 नवंबर 2025 दोपहर तक मरम्मत पूरी होने की उम्मीद है।
ऑटो-टैक्सी यूनियन ने की मुआवजे की मांग
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन मोदी ने बताया कि कई पंप सुबह से बंद हैं, क्योंकि गैस का प्रेशर नहीं आ रहा। मुंबई में लगभग 130-140 CNG पंप हैं, जिनमें से बड़ी संख्या अस्थायी तौर पर बंद रही। कई जगह पंपों पर 1-2 किमी लंबी लाइनें देखने को मिलीं। कई ऑपरेटर्स को मजबूरी में प्राइवेट लग्ज़री बसें लेनी पड़ीं, जिनके लिए 10 किमी के दो ट्रिप का किराया ₹12,000 तक देना पड़ा।
ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने CNG संकट पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि ड्राइवरों को कई घंटों तक पंपों की लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ा, जिससे उनकी रोज़मर्रा की कमाई ठप हो गई। कई ब्लैक-येलो टैक्सियाँ और ऑटो सड़क से गायब हो गए क्योंकि उनका CNG पूरी तरह खत्म हो चुका था।
जबकि जो कुछ पंप खुले थे, वहां गैस प्रेशर बेहद कम था और वाहनों को रिफ्यूल होने में दिक्कत हुई। इसी स्थिति को देखते हुए ऑटो यूनियन ने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर MGL से दो दिनों की आय का मुआवज़ा दिलाने की मांग की है, ताकि ड्राइवरों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।
यात्रियों को अब तक नहीं मिली राहत
CNG संकट गहराने के बीच कई Ola और Uber ड्राइवर पेट्रोल मोड पर शिफ्ट हो गए, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिली, क्योंकि ऐप कैब सर्विसेज़ पर सर्ज प्राइसिंग कई जगह दो गुना तक बढ़ गई। इस स्थिति का असर ठाणे और नवी मुंबई में भी गंभीर रूप से देखने को मिला। ठाणे में चार में से सिर्फ एक पंप (खोपट) चालू था, जिसके चलते गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं नवी मुंबई में दो दिनों से CNG सप्लाई लगभग पूरी तरह ठप रही, जिससे कैब ड्राइवरों की कमाई शून्य हो गई और पंपों पर कई किलोमीटर लंबी लाइनें देखी गईं।
MGL के अनुसार मरम्मत कार्य तेज़ी से जारी है और उम्मीद है कि 18 नवंबर की दोपहर तक सप्लाई सामान्य हो जाएगी। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू PNG (कुकिंग गैस) की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि औद्योगिक और कमर्शियल उपभोक्ताओं को फिलहाल वैकल्पिक ईंधन अपनाने की सलाह दी गई है।












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