मुंबई में शरद पवार के घर के बाहर MSRTC कर्मचारियों का प्रदर्शन, सुप्रिया सुले भी हुईं गुस्से का शिकार
मुंबई, 8 अप्रैल: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित शरद पवार के घर के बाहर महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वहां पर मौजूद एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले को भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रदर्शनकारियों को शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मानें। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सुप्रिया के साथ दुर्व्यवहार किया। साथ ही पवार के घर में जूते-चप्पल फेंके।
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दरअसल MSRTC कर्मचारी पिछले साल नवंबर से हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि उनके साथ राज्य सरकार के कर्मचारियों जैसा व्यवहार किया जाए। साथ ही नकदी संकट से जूझ रहे परिवहन निगम का सरकार में विलय कर दिया जाए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक शरद पवार मौजूदा सरकार के चाणक्य हैं, लेकिन उन्होंने कर्मचारियों का घाटा करवाया है। इस वजह से आज सैकड़ों कर्मचारी उनके घर के बाहर प्रदर्शन करने आए हैं।
वहीं दूसरी ओर एक दिन पहले इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला आया था। जिसमें हड़ताली कर्मचारियों को 22 अप्रैल तक ड्यूटी पर लौटने को कहा गया था। इसके बाद राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने भी आश्वासन दिया कि जो कर्मचारी काम पर लौट आएंगे, उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा, लेकिन फैसले के बाद हुए प्रदर्शन से लग रहा कि आंदोलन अभी रुकने वाला नहीं है।
'120 कर्मचारियों ने की आत्महत्या'
मामले में एक प्रदर्शनकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि हड़ताल के दौरान आत्महत्या की वजह से लगभग 120 MSRTC की मौत हुई है। ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है, जो राज्य की नीतियों ने करवाई है। वो सरकार में अपने विलय की मांग पर अडिग हैं। अभी तक शरद पवार ने कुछ नहीं किया है, वो इस मामले को हल करवाएं।
गृहमंत्री ने कही ये बात
वहीं महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि उन्होंने मुंबई के सीपी संजय पांडे और संयुक्त आयुक्त, कानून व्यवस्था विश्वास नांगरे पाटिल से इस मामले को लेकर बात की है। साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। पाटिल के मुताबिक MSRTC कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है, ये प्रदर्शन किसी और का है।












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