मराठा आरक्षण आंदोलन: इन जिलों में आज इंटरनेट सर्विस बैन, जानिए सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ?
Maratha reservation agitation: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन ने हिंसक रूप ले चुका है। मराठा आंदोलन के हिंसक होने और राकांपा और भाजपा विधायकों के घरों में आग लगाने, संपत्तियों में तोड़फोड़ के बाद जालना जिले में इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। इसके अलावा 2 नवंबर को छत्रपति संभाजीनगर जिले में, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं।
बुधवार (1 नवंबर) को हुई सर्वदलीय बैठक में राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया है। इसमें यह भी कहा गया कि मराठों को आरक्षण देने पर सभी पार्टियां एकमत हैं।

सभी राजनीतिक दलों द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल से अपना आमरण अनशन वापस लेने की अपील की गई है।
मराठा आंदोलन का चेहरा बन चुके मनोज जारांगे पाटिल ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी युवा को सरकार द्वारा परेशान किया गया तो वह बीड में कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना देंगे। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि घर में आग लगाने वालों पर धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
वहीं नासिक में मराठा समुदाय के एक निकाय ने महाराष्ट्र में ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण मिलने तक दिवाली और अन्य आगामी त्योहार नहीं मनाने का फैसला किया।
सकल मराठा समाज (एसएमएस) की नासिक जिला इकाई ने दिवाली को "काली दिवाली" के रूप में मनाने के लिए नासिक शहर में आयोजित एक बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया है।
बैठक में अपनाए गए प्रस्ताव के मुताबिक, "मराठा समुदाय के सदस्य दिवाली के लिए कुछ भी नहीं खरीदेंगे। वे दीये नहीं जलाएंगे। एसएमएस ने यह भी निर्णय लिया कि नासिक जिले के प्रत्येक गांव में कम से कम दो लोग अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे और अन्य क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।












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