महाराष्ट्र सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए कल दोपहर में राज्यपाल से मिलेंगे महायुति के नेता
Maharashtra government formation: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बावजूद महायुति सरकार का गठन इतने दिन बाद भी नहीं हो सका है। हालांकि अब लग रहा है कि महाराट्र की नई सरकार के गठन को लेकर राज्य की जनता का इंतजार खत्म होने वाला है। कल 4 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे महायुति के नेता राज्यपाल से मिलने राजभवन जाने वाले हैं और महायुति सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
बता दें 4 दिसंबर को दोपहर में पहले भाजपा के विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। इसके बाद हायुति के नेता जिसमें संभवत: देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे ओर अजित पवार मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने साढ़े तीन बजे राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

सूत्रों के अनुसार सुबह दस बजे भाजपा की कोर कमेटी की बैठक होनी है इसके बाद दोपहर तक भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। इसके बाद महायुति के नेता राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता ने तीन दिन पहले ही महाराष्ट्र की नई सरकार के शपथ ग्रहण की 5 दिसंबर तारीख घोषित की थी। इतना ही नहीं शपथ समारोह के लिए भाजपा समेत उसके सहयोगी दल तैयारियों में जुट चुके हैं। जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नाम को लेकर कोई भी घोषणा नहीं की है।
सूत्रों के अनुसार एकनाथ शिंदे के अस्पताल में हेल्थ चेकअप करवाकर लौटने के बाद देवेंद्र फडणवीस उनसे मिल उनके सरकारी आवास वर्षा पहुंचे थे। जिसके बाद ये बात सामने आई है कि महायुति के नेता कल राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
महाराष्ट्र में क्यों नहीं हो पाया सरकार का गठन
बता दें महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम 23 दिसंबर को घोषित हुआ है। इसके बाद महायुति में शामिल भाजपा, शिवेसना और एनसीपी तीनों ने ऐलान किया था कि मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला तीनों पार्टियां मिलकर करेंगी, इसको लेकर कोई महायुति में कोई विवाद नहीं है। हालांकि दो दिन बाद ही सीएम पद की रेस में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस दोनों ही नजर आए। वहीं अजित पवार ने भाजपा का सीएम होने पर हामी भर दी थी।
एकनाथ शिंदे ने कर दी थी ये बड़ी डिमांड
एक सप्ताह बाद अचानक एक दिन एकनाथ शिंदे ने प्रेस कान्फ्रेंस कर सीएम पद का त्याग ये कहते हुए कर दिया था कि उन्हें सीएम पद की लालसा नहीं है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो भी निर्णय लेंगे वो हमें मंजूर होगा। शिंदे सीएम पद की डिमांड से पीछे हट गए लेकिन गृहमंत्रालय की बड़ी डिमांड कर बैठे। जबकि भाजपा शक्तिशाली गृह मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है। हालांकि अभी ये खुलासा नहीं हुआ है कि एकनाथ शिंदे किन शर्तों को मनवाकर माने हैं।












Click it and Unblock the Notifications