Maharashtra Zilla Parishad election results: जिला परिषद चुनाव में महायुति ने 731 में से 552 सीटें जीती
Maharashtra Zilla Parishad election results: महाराष्ट्र में हुए जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, महायुति ने 12 जिला परिषदों की कुल 731 सीटों में से 552 सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत की है। इस परिणाम को राज्य की राजनीति में गठबंधन की मज़बूत स्थिति का एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
7 फरवरी को 12 जिला परिषदों और उनके अंतर्गत 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान हुआ था, जिसकी मतगणना सोमवार को संपन्न हुई। इन चुनावों में कुल मिलाकर 68.28 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। मतदाताओं ने दो अलग-अलग मत डाले - एक जिला परिषद सीट के लिए सफेद और दूसरा पंचायत समिति के चुनाव क्षेत्र के लिए गुलाबी बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया।

महाराष्ट्र के किन 12 जिलों में हुआ जिला परिषद चुनाव?
जिन 12 जिला परिषदों के लिए चुनाव हुए, उनमें रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर शामिल हैं। इन्हीं के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 125 पंचायत समितियों की 1,462 सीटों पर भी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। चुनाव आयोग द्वारा अभी पूर्ण और अंतिम आंकड़े जारी किए जाने प्रतीक्षित हैं।
कोंकण में बदला राजनीतिक समीकरण
इन नतीजों की एक ख़ास बात यह भी है कि कोंकण क्षेत्र, जिसे पारंपरिक रूप से ठाकरे परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, वहां भी महायुति को जनता का समर्थन मिला है। इसे राज्य की राजनीतिक समीकरणों में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य की दिशा तय कर सकता है।
NCP के दोनों गुटों के लिए अहम संकेत
यह चुनाव परिणाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों-अजित पवार और शरद पवार-के भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दोनों गुटों ने अपनी पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को दरकिनार करते हुए पुणे, सतारा, सोलापुर और सांगली में स्थानीय निकाय चुनावों में अनौपचारिक गठबंधन किया था।
'घड़ी' चुनाव चिन्ह पर साथ लड़े उम्मीदवार
इन क्षेत्रों में दोनों गुटों के उम्मीदवारों ने NCP के मूल 'घड़ी' चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा। इस अनौपचारिक तालमेल का असर नतीजों में साफ दिखाई दिया है, जिसकी राजनीतिक विश्लेषक गहराई से समीक्षा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जीत पर हुए गदगद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के लोगों को इस जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "एक बार फिर महाराष्ट्र ने BJP और महायुति का साथ दिया है। नगर निगम और नगर निकाय चुनावों के बाद जिला परिषद चुनावों में भी हमें मजबूत जनादेश मिला है।"
उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र के लोग ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर सुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करने वाली सरकार चाहते हैं।
2017 के चुनावों में किस पार्टी ने जीती थी कितनी सीटें?
यदि 2017 के जिला परिषद चुनावों की बात करें, तो उस समय राजनीतिक परिदृश्य काफी अलग था। तब NCP 12 जिलों में 225 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
पुणे: 44 सीटें
सतारा: 39 सीटें
धाराशिव (तत्कालीन उस्मानाबाद): 26 सीटें
परभणी: 24 सीटें
कांग्रेस, भाजपा और शिवसेना का प्रदर्शन (2017)
कांग्रेस 123 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थी।
सिंधुदुर्ग: 27 सीटें
औरंगाबाद: 14 सीटें
कोल्हापुर: 14 सीटें
भाजपा 141 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर थी।
लातूर: 36 सीटें
सांगली: 23 सीटें
छत्रपति संभाजीनगर (तत्कालीन औरंगाबाद): 22 सीटें
शिवसेना ने कुल 119 सीटें जीती थीं और रायगढ़ व रत्नागिरी में 18-18 सीटों के साथ मजबूत प्रदर्शन किया था।
अन्य दलों की स्थिति
2017 में अन्य श्रेणी के उम्मीदवारों ने 80 सीटें जीती थीं, जो स्थानीय स्तर पर निर्दलीयों और छोटे दलों की मौजूदगी को दर्शाता है। हालांकि BSP, CPI, CPM और MNS जैसी पार्टियां एक भी सीट जीतने में असफल रही थीं।












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