क्या महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे से कुर्सी बदलेंगे फडणवीस, सीएम के 3 दिनों की छुट्टी को लेकर अटकलें तेज?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के तीन दिनों के लिए अपने गांव जाने की खबर है। इसको लेकर राज्य में सियासत का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री बदलने जाने तक के कयास लगाए जा रहे हैं।

महाराष्ट्र में जारी सियासी अटकलबाजियों के बीच एनसीपी ने एक बड़ा दावा करके राजनीति को और भी सनसनीखेज बना दिया है। पार्टी के एक राष्ट्रीय प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तीन दिनों की छुट्टी ले ली है। क्योंकि, कथित तौर पर उनको उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अपना रोल बदलने को कह दिया गया है।
एनसीपी नेता के ट्वीट से अटकलबाजी शुरू
सीएम शिंदे के इस तरह से अचानक छुट्टी पर जाने की खबरों में जरा भी दम है तो शायद राज्य में कोई सियासी तूफान इंतजार कर रहा है। वैसे एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने ट्विटर पर जो कुछ लिखा है, उसमें उन्होंने अपने दावे के लिए मीडिया सूत्रों की ओर इशारा किया है।

शिंदे पर फडणवीस से रोल बदलने का दबाव- एनसीपी प्रवक्ता
एनसीपी प्रवक्ता ने लिखा है, 'क्या यह सही है? खबर यह है कि एकनाथ शिंदे ने कार्य से तीन दिनों की छुट्टी ली है। मीडिया के सूत्र कह रहे हैं कि उन्होंने इसलिए छुट्टी ली है, क्योंकि वह परेशान हैं। बीजेपी चाहती है कि वह महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार में श्री देवेंद्र फडणवीस के साथ 'रोल बदलें'।'
महाराष्ट्र में मचा है सियासी घमासान
हालांकि, मुख्यमंत्री शिंदे के छुट्टी पर जाने की सूचना उनके दफ्तर से आधिकारिक तौर पर नहीं दी गई है। लेकिन, महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से एनसीपी और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली सेना के नेताओं की ओर से जो तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, उसमें यह एक नई बात जुड़ती दिख रही है।
शिंदे के अपने गांव जाने की खबर
वैसे कहा यह भी जा रहा है कि सीएम शिंदे ने कलेक्टरों और कमिश्नरों के साथ मीटिंग में कहा कि वह सतारा जिले में अपने गांव जा रहे हैं और इसके चलते 24 से लेकर 26 अप्रैल तक वह मुंबई में नहीं रहेंगे। लेकिन, जब प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो तो ऐसे में उनके इस तरह से अचानक गांव जाने से भी कई तरह की चर्चाओं को हवा मिल सकती है।
धार्मिक आयोजन के लिए गांव गए मुख्यमंत्री?
हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट में उनके छुट्टी पर जाने की अटकलें खारिज की जा रही हैं और बताया जा रहा है कि वह किसी धार्मिक आयोजन के सिलसिले में अपने गांव गए हुए हैं और वहां से भी वह अपनी सरकारी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।
शिवसेना विधायकों की सदस्यता पर आने वाला है फैसला
सारी अटकलबाजियों को इस वजह से ज्यादा हवा मिल रही है, क्योंकि शिवसेना के विधायकों की सदस्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट का एक बड़ा फैसला आने वाला है। उद्धव गुट यह मानकर अभी से खुशियां जाहिर कर रहा है, जैसे कि फैसला उसी के पक्ष में आना तय है। संजय राउत 'डेथ वारंट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे है।
यानि शिंदे सरकार का भविष्य सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर टिका है। अगर फैसला खिलाफ में गया तो यह सरकार खतरे में पड़ सकती है। यही वजह है कि अजित पवार को लेकर भी एनसीपी में सियासी धुआं उठ रहा है। चर्चा है कि ऐसी स्थिति में वह बीजेपी के प्लान बी हो सकते हैं।












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