Maharashtra Rain: मराठवाड़ा-विदर्भ में किसानों पर कहर बनकर टूटी बिन मौसम बरसात, 1.22 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद
Maharashtra Rain: महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे किसानों और आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा है। Maharashtra के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में अब तक 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
सबसे अधिक असर नासिक क्षेत्र में देखा गया है, जहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत भी हो गई है। इसके अलावा जलगांव, धुले, बुलधाना और छत्रपति संभाजीनगर जैसे जिलों में भी भारी नुकसान की खबर है। इन क्षेत्रों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार रबी फसलें जैसे गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

Maharashtra Rain: प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा
- राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने कहा है कि सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देगी। उन्होंने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए विभिन्न जिलों में सर्वेक्षण जारी है।
- कृषि विभाग के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से 82,000 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। फलों के बागानों को भी भारी नुकसान हुआ है।
- अंगूर, अनार और आम जैसी फसलों में बड़े पैमाने पर फल गिर गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- प्याज, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों की फसलें भी खराब हो गई हैं और कई खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
Marathwada Vidarbha Rain: जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त
पुणे जिले में भी हालात चिंताजनक हैं। पिंपरी-चिंचवड़ और अंबेगांव तालुका में भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारामती से सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने प्रभावित किसानों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। राज्य सरकार ने भी किसानों को आर्थिक मुआवजा देने की बात कबूल की है।
Maharashtra Rain Update: ओलावृष्टि और तेज बारि का अलर्ट
इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने अगले तीन से चार दिनों में और अधिक बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। अकेले उत्तरी महाराष्ट्र में लगभग 64,000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें नासिक मंडल में 50,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। यह बेमौसम बारिश महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अब सभी की नजर सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे और राहत कार्यों पर टिकी हुई है, ताकि इस नुकसान की भरपाई कुछ हद तक की जा सके।












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