पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से आगे निकला भारत का ये राज्य, जिसके एक शहर में रहते हैं 94 अरबपति
भारत के खिलाफ हमेशा जहर उगलने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की माली हालत पहले से भी बत्तर हो चुकी है। भारत की राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के सामने पाकिस्तान दूर-दूर तक कहीं मुकाबले में भी नहीं है। पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अकेले महाराष्ट्र ने अर्थव्यवस्था के मामले में उसे पछाड़ दिया है।

2022-23 के आंकड़े के अनुसार महाराष्ट्र की जीडीपी 439 अरब डॉलर है, जबकि जबकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 338 बिलियन डॉलर है। वहीं आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।
भारत की जीडीपी
भारत की शांति भंग करने के लिए आतंकियों को उकसाने वाले पाकिस्तान की अगर पूरे भारत की जीडीपी की तुलना की बात की जाए तो 2024 में भारत की जीडीपी 3,397 अरब डॉलर है, वहीं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सिर्फ 338 अरब डॉलर है।
महाराष्ट्र के बाद जीडीपी के अव्वल हैं ये चार राज्य
अर्थव्यवस्था के मामले में पाकिस्तान महाराष्ट्र से तो काफी पीछे है। वहीं भारत के चार राज्यों का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। जीडीपी के मामले में महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात हैं। मिजोरम की जीडीपी सबसे छोटी है, जो 0.3 लाख करोड़ रुपये है।
बता दें महाराष्ट्र भारत के जीडीपी में अकेले दम पर 14 प्रतिशत का योगदान देता है। महाराष्ट्र की लेटेस्ट आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में इसकी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो देश की अनुमानित वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत से मेल खाती है।
मंबई में बसे हैं देश के 93 अरबपति
आपको जानकार हैरानी होगी कि अकेले दम पर भारत की कुल जीडीपी में सबसे अधिक योगदान देने वाले भारत में करीब 200 अरबपतियों में से 94 सिर्फ महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रहते हैं।
महाराष्ट्र क्यों हैं इतना अमीर
बता दें महाराष्ट्र को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने में अहम रोल राज्य की इंडस्ट्रीज और कृषि टेक्सटाइल इंडस्ट्री निभाती हैं। महाराष्ट्र के राजधानी मुंबई के अलावा ये टेक्सटाइल फैक्ट्रियां नागपुर, सोलापुर, अकोला, और अमरावती में हैं। देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी समेत कई बिजनेसमैन और बॉलीवुड की हस्तियां मुंबई में ही रहते हैं। इसके अलवा यहां का नगर निगम के पास अन्य राज्यों की तुलना में संसाधन के मामले में अत्यधिक संपन्न है।
अर्थव्यवस्था में वृद्धि होने की उम्मीद
बता दें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने गुरुवार को मानसून सत्र की शुरुआत में महाराष्ट्र विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 पेश किया। वे वित्त विभाग की भी देखरेख करते हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष 6.8 प्रतिशत थी। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 2023-24 के लिए मौजूदा कीमतों पर महाराष्ट्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 40,44,251 करोड़ रुपये और वास्तविक कीमतों पर 24,10,898 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।












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