महाराष्ट्र में चुनावी बिगुल बजते ही अजित पवार ने दिखाया Power, बीजेपी, कांग्रेस-शरद पवार गुट को दिया झटका
Maharashtra municipal elections: महाराष्ट्र के चुनाव आयोग ने 15 दिसंबर को महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव का ऐलान कर दिया है। जिसमें मुंबई बीएमसी चुनाव भी शामिल है। चुनाव की तारीख का ऐलान होते ही महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। ये भूचाल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी के कारण आया है। 15 दिसंबर को चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद देर रात बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) के 15 से अधिक महापौर, ओर नगरसेवक अजित की एनसीपी में शामिल हो गए हैं।
दरअसल, सांगली-मिरज-कुपवाड़बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) के 15 से अधिक पूर्व महापौरों-नगरसेवकों को रातोंरात अपने खेमे में शामिल कर चुनाव से पहले अजित पवार ने शक्ति प्रदर्शन किया है, जो भाजपा, कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी के लिए तगड़ा झटका है।

सोमवार, 15 दिसंबर की देर रात, इन सभी प्रमुख नेताओं ने पुणे में अजित पवार से मुलाकात कर उनके गुट में शामिल होने की पुष्टि की। इस दलबदल से मिरज शहर की 27 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले बीजेपी, कांग्रेस और जयंत पाटिल के एनसीपी गुट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसे 'दादा' (अजित पवार) की एक निर्णायक चुनावी चाल माना जा रहा है।
चुनाव से पहले ये दिग्गज नेता अजित की एनसीपी में हुए शामिल
एबीपी माझा के अनुसार, अजित पवार से मिले ये नेता बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) से संबंधित थे, जिससे तीनों ही दलों को गहरा झटका लगा है। बीजेपी से पूर्व नगरसेवक शिवाजी दुर्वे, जबकि कांग्रेस से पूर्व नगरसेवक करण जामदार और मिरज के पूर्व महापौर किशोर जामदार अजित पवार खेमे में शामिल हो गए हैं।
सबसे बड़ा झटका शरद पवार गुट को लगा
सबसे बड़ा झटका राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) को लगा है। पूर्व महापौर मैनुद्दीन बागवान, आरिफ चौधरी, चंद्रकांत हुलवान, नर्गिस सय्यद, आजम काज़ी, रमज़ान सतरमेकर, अंकुश कोल्हेकर, जनसुराज्य के आनंदा देवमाने और संतोष कोली जैसे दिग्गज नेता अब अजित पवार के साथ हैं। इस मुलाकात के समय विधायक इदरीस नायकवाड़ी, जिलाध्यक्ष निशिकांत पाटिल और पद्माकर जगदाले भी मौजूद थे।
अजित पवार ने जयंत पाटिल के मंसूबे पर फेरा पानी
यह दलबदल सांगली के सांसद विशाल पाटिल (कांग्रेस) और पूर्व पालक मंत्री जयंत पाटिल (राकांपा शरद पवार गुट) के लिए मिरज में बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एक ओर, पालक मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल ने महायुति के मिलकर लड़ने का संकेत दिया था, तो दूसरी ओर जयंत पाटिल ने महाविकास अघाड़ी के एक साथ लड़ने की बात कही थी। यह सियासी उठापटक आगामी चुनाव में दोनों गठबंधनों के समीकरणों को प्रभावित करेगी।
अजित पवार ने वोटिंग से पहले ही विरोधियों को किया चित
सांगली-मिरज-कुपवाड़ नगर निगम चुनाव से पहले 15 दिग्गज नेताओं के दल बदलने से मिरज शहर का सियासी गणित पूरी तरह पलट गया है। मिरज में कुल 27 सीटें हैं, जिस पर तीनों प्रमुख दलों (बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी शरद पवार गुट) की मुश्किलें इस बड़े दलबदल से बढ़ गई हैं।












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