शिव जयंती पर सिद्धेश कदम का आह्वान: महाराष्ट्र के ऐतिहासिक किलों की स्वच्छता बने जन-आंदोलन
शिवजयंती के अवसर पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) ने दापोली के सुवर्णदुर्ग किले से 'मानाचा मुजरा, हटवूया कचरा' नामक भव्य जनजागरूकता अभियान का आगाज किया। इसका लक्ष्य यूनेस्को मान्यता प्राप्त राज्य के ११ ऐतिहासिक किलों की स्वच्छता, संरक्षण और जतन सुनिश्चित करना था।
इस मौके पर MPCB अध्यक्ष श्री सिद्धेश कदम ने प्रतिपादन किया कि ११ विश्व धरोहर किलों की सफाई व संवर्धन की यह मुहिम जन-जन का 'लोकमंत्र' बननी चाहिए। उन्होंने ऐतिहासिक विरासत के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

यह अभियान उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे की दूरदर्शी संकल्पना का हिस्सा है। उनकी प्रेरणा से, यूनेस्को-सूचीबद्ध किलों के लिए 'हिंदूहृदयसम्राट बालसाहेब ठाकरे गडकिल्ले स्वच्छता व संवर्धन मोहिम' पूरे राज्य में MPCB द्वारा चलाई जाएगी। मुख्य नारा 'मानाचा मुजरा, हटवूया कचरा' है।
दापोली के स्थानीय प्रतिनिधि तथा राज्य के गृहराज्य मंत्री, श्री योगेश दादा कदम ने इस पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि सुवर्णदुर्ग में शुरू यह कार्यक्रम अन्य किलों के लिए एक सफल मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
भारत में यूनेस्को ने १२ ऐतिहासिक किलों को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है, जिनमें ११ महाराष्ट्र में हैं। इनमें रायगढ़, प्रतापगढ़, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग, राजगढ़, पन्हाळा, साल्हेर, लोहगढ़, सुवर्णदुर्ग, शिवनेरी और खंदेरी प्रमुख दुर्ग शामिल हैं।
ये किले प्रतिवर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। विश्व धरोहर दर्जे से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि अपेक्षित है। हालांकि, प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स व कोल्ड ड्रिंक रैपर्स जैसे कचरे से इन ऐतिहासिक स्थलों पर स्वच्छता गंभीर चुनौती है।
MPCB के सदस्य सचिव, भा.प्र.से. श्री एम. देवेंदर सिंह, इस वर्षभर चलने वाले स्वच्छता व संवर्धन अभियान की विस्तृत योजना बना रहे हैं। यह मुहिम स्थानीय शिवप्रेमी संगठनों के सहयोग से चलेगी, जिन्हें MPCB आर्थिक अनुदान प्रदान करेगा।
सुवर्णदुर्ग किले पर 'जय शिवराय प्रतिष्ठान, दापोली' हर वर्ष शिवजयंती उत्सव मनाती है। इस जनजागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिवप्रेमी व जिला परिषद सदस्य श्री अण्णा कदम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिसने आयोजन को सफल बनाया।
यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थल होने के बावजूद, इन किलों की निरंतर स्वच्छता, पवित्रता और ऐतिहासिक मूल्य का जतन आवश्यक है। यूनेस्को की वार्षिक निरीक्षण रिपोर्ट के गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए यह व्यापक अभियान महत्वपूर्ण है।












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