महाराष्ट्र सरकार ने अकोला मंदिर हादसे के पीड़ितों को मुआवजा देने की घोषणा की
महाराष्ट्र सरकार ने अकोला मंदिर हादसे के पीड़ितों को मुआवजा देने का ऐलान किया है।

महाराष्ट्र के अकोला जिले में तेज हवा चलने और मूसलाधार बारिश के कारण यहां स्थित एक मंदिर परिसर पर एक विशाल पेड़ गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे की चपेट में आए लोगों को महाराष्ट्र सरकार ने मुआवजा देने का ऐलान किया है।
बता दें अकोला जिले में ये मंदिर परिसर टीन सेड से बना हुआ था जिस पर तेज हवा और बारिश के कारण पेड़ गिरा जिसमें सात लोगों की मौत के अलावा अन्य 22 लोग घायल हो गए हैं।
इस हादसे में पांच पुरुषों और दो महिलाओं की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए है जिनमें से पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मरने वाली दोनों महिलाओं की उम्र 50 और 55 वर्ष थी और वो जलगांव और बुलढाणा की रहने वाली थीं। वहीं अन्य पांच मृतकों में से दो की उम्र 55 वर्ष और एक की उम्र 35 वर्ष अकोला के रहने वाले थे, दो अन्य लोगों की अभी पहचान नहीं हो पाई है।
जिला प्रशासन ने कहा कि तेज हवा और बारिश के कारण 100 साल पुराना एक पेड़ टिन के शेड पर गिर गया, जिसके नीचे करीब 40 लोग खड़े थे।
अकोला की डीएम नीमा अरोड़ा के अनुसार ये घटना रविवार की रात साढ़े सात बजे बालापुर तालुका के पारस गांव में स्थित बाबूजी महाराज मंदिर में हुई। ये हादसा तब हुआ जब मंदिर में 'महाआरती' के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे।
इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि सरकार मृतकों के परिवारों को मुआवजा देगी।ुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार की ओर से और मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का फैसला किया है।
जिला अधिकारी के अनुसार इस हादसे में मारे गए मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और घायल व्यक्तियों को सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया।












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