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Maharashtra के किसानों इतने कम दाम पर मिलेगी बिजली, फडणवीस सरकार ने बनाई नई बिजली कंपनी, दिया अपडेट

महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्‍य के किसानों के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने किसानों के लिए एक समर्पित बिजली कंपनी स्थापित की है। महाराष्‍ट्र ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस कंपनी का उद्देश्य किसानों को स्थायी और कम लागत वाली सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना है

maharashtra farmers get cheap electricity

AI फोटो

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुलासा दावेस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए दी। सीएम ने बताया कि किसानों को बिजली आपूर्ति करन के लिए महाराष्‍ट्र सरकार ने बिजली कंपनी बनाई है। इस बिजली वितरित प्रणाली के माध्यम से सौर ऊर्जा के माध्यम से लगभग 16 गीगावॉट बिजली उत्पन्न की जाएगी। उन्‍होंने बताया इस साल के अंत तक ये प्रोजेक्‍ट पूरा हो जाएगा।

महाराष्‍ट्र में किसानों को कितनी सस्‍ती मिलेगी बिजली?

कृषि में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के एक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीएम ने बताया कि वर्तमान समय में महाराष्‍ट्र के किसानों को अभी 8 रुपये प्रति यूनिट बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस योजना के तहत आने वाले दिनों में राज्‍य के किसानों को महज 3 रुपये प्रति यूनिट बिजली का दाम देना पड़ेगा।

कब मिलेगी महाराष्‍ट्र के किसानों को सस्‍ती बिजली?

पूर्व के एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के साथ 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। फडणवीस ने बताया कि राज्य ने दिसंबर 2026 तक विशेष रूप से कृषि उपभोक्ताओं के लिए 16,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह नई ऊर्जा कंपनी के जरिए वर्ष 2026 के अंत तक महाराष्ट्र के हर किसान तक सौर ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करेगी।

महाराष्‍ट्र के किसानों को क्‍या होगा लाभ?

फडणवीस ने कहा, "यह पहल किसानों को स्वच्छ ऊर्जा से अपने खेतों की सिंचाई करने में सक्षम बनाएगी। सौर पंप एक बड़ी वित्तीय राहत भी प्रदान करेंगे, क्योंकि किसानों को अगले 25 वर्षों तक इसके लिए मुफ्त बिजली मिलेगी।" मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उनके पिछले कार्यकाल (2014-2019) के दौरान महाराष्ट्र ने दो बार गंभीर सूखे का सामना किया था, और अनियमित बिजली आपूर्ति ने किसानों की कठिनाइयों को और बढ़ा दिया था।

उन्होंने बताया कि रालेगण सिद्धि में सौर ऊर्जा से चलने वाले अलग कृषि फीडरों की प्रायोगिक परियोजना ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। फडणवीस ने यह भी जिक्र किया कि उनकी सरकार के जाने के बाद एक लाख सौर पंप वितरित करने की पिछली योजना रोक दी गई थी।

कुसुम योजना किसानों के लिए बनी मददगार

हालांकि, कुसुम योजना के तहत यह गति फिर से शुरू हो गई है। महाराष्ट्र ने देश भर में स्थापित 9 लाख सौर पंपों में से 7 लाख पंप अकेले लगाए हैं, जिससे किसानों को सालाना तीन फसलें उगाने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 2013 से पहले, किसान पंप के लिए आवेदन करने के बाद लगभग चार साल इंतजार करते थे, और उस समय राज्य प्रति वर्ष केवल लगभग 15,000 पंप ही स्थापित कर पाता था।

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