महाराष्ट्र में अमित शाह ने अजित पवार के साथ की सीक्रेट मीटिंग, आखिर क्या है मामला?
Maharashtra Politics: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 27 मई को महाराष्ट्र दौरे पर पहुंचे थे। इस मौके पर मुंबई में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दिल्ली लौटने से पहले अमित शाह ने उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार के साथ एक सीक्रेट बैठक की। मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में शाह और अजित पवार के बीच हुई 20 मिनट के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस सीक्रेट बैठक के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
हालांकि शाह की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) या पवार के गुट ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनकी इस सीक्रेट मीटिंग के बाद महायुति गठबंधन वाली फडणवीस कैबिनेट में दरार पड़ने का दावा किया जा रहा है।

दरअसल, राजनीतिक हलकों में चर्चा पहले से ही थी कि अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार की सलाह के बिना ही उनकी एनसीपी के नेता छगन भुजबल को कैबिनेट में शामिल कर खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री बनाने का फैसला किया है। जिससे अजित पवार नाखुश चल रहे थे।
छगन भुजबल ने शाह और देवेंद्र को दिया श्रेय
वहीं हाल ही में दिए टेलीविजन साक्षात्कार में भुजबल ने खुद अपने मंत्रिमंडल में शामिल होने का श्रेय शाह और देवेंद्र फडणवीस को दिया, लेकिन पवार का कोई जिक्र नहीं किया। जिसने महायुति गठबंधन के भीतर अजित पवार और उनके गुट के नेताओं की भौंहें चढ़ा दीं है।
धनंजय का पोर्टफोलियो भुजबल को सौंपा गया
याद रहे अजित पवार गुट वाली एनसीपी के नेता छगन भुजबल ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया था कि दिसंबर 2024 में कैबिनेट विस्तार के दौरान अजित पवार ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इस बात पर असंतोष जताया था कि पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे कथित तौर पर कैबिनेट से हटाए जाने के बाद परेशान हैं, अब उनका पोर्टफोलियो भुजबल को सौंप दिया गया है। याद रहे धनंजय मुंछे अजित पवार के करीबियों में से एक हैं।
छगन की एंट्री से महायुति में बढ़ी कलह
टकराव पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे द्वारा व्यक्त असंतोष में स्पष्ट था, जिन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह भुजबल को लाया गया था। मंत्रिमंडल में पदों में इस तरह के बदलाव महायुति गठबंधन में आंतरिक कलह को बढ़ा दिया है।
निकाय चुनाव महायुति गठबंधन के लिए चुनौती
बता दें जल्द ही महाराष्ट्र में निकाय चुनाव होने वाले हैं इसलिए किसी भी हाल में महायुति गठबंधन के बीच टकराव या बिखराव भाजपा नहीं चाहती है। इसलिए ये भी अनुमान है कि अमित शाह और अजित पवार की सीक्रेट बैठक में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए रणनीतियों पर भी चर्चा हुई होगी। याद रहे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के बाद महायुति गठबंधन का ये पहला चुनाव है।












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