Maharashtra Elections: साक्री से मंजुला गावित, शिवसेना का मजबूत कैंडिडेट, MVA को कड़ी चुनौती
Maharashtra Elections 2024: सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार महाराष्ट्र के सतत विकास के लिए कई अहम योजनाओं पर कार्य किया। चुनावों के दौर में शिवसेना के कार्यकर्ता जन- जन तक प्रदेश सरकार के कार्यों की जानकारी पहुंचाने में जुटे हैं। बात इस बार के चुनाव में शिंदे गुट के प्रदर्शन करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पार्टी ने सीटों पर चुन- चुन कर कैंडिडेट्स उतारे हैं। साक्री निर्वाचन क्षेत्र में भी इन सीटों में शामिल हैं, जहां से मंजुला गावित को शिवसेना ने मौका दिया है। गावित दूसरे दलों के कैंडिडेट्स पर भारी पड़ रही हैं।
आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित धुले जिले के साक्री विधानसभा क्षेत्र से उम्मीद के मुताबिक एकनाथ शिंदे ने मौजूदा विधायक मंजुळा गावित को फिर से मौका दिया है। पिछले पांच साल में मंजुळा गावित ने तेजी से विकास कार्य किए। उन्हें इस चुनाव में कांग्रेस और बागी उम्मीदवारों की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। शिंदे गुट की शिवसेना की मानें तो उनकी पार्टी को महायुति ने जितनी सीटें हैं, उन पर जीत पक्की है।

मंजुला गावित पहले भाजपा में थीं। 2019 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और विजयी हुईं। महिला और बाल कल्याण विभाग की समिति पर उनकी नियुक्ति की गई थी। 2022 में शिवसेना में हुए एकनाथ शिंदे के विद्रोह में गावित ने एकनाथ शिंदे का समर्थन किया। एकनाथ शिंदे आगे चलकर मुख्यमंत्री बने। उद्धव ठाकरे की राजनीति मुश्किल में आ गई। शिवसेना के 40 विधायकों ने एकनाथ शिंदे का समर्थन किया।
पार्टी का आधिकारिक चिन्ह और संगठन भी एकनाथ शिंदे को दिया गया। हाल ही में हुए कार्यक्रम में मंजुळा गावी ने एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में शिवसेना में प्रवेश किया और उन्हें उम्मीद के मुताबिक साक्री विधानसभा क्षेत्र से फिर से उम्मीदवार बनाया गया।
पिछले दो वर्षों में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मंजुला गावित ने साक्री के विकास के लिए फंड लाने का अथक प्रयास किया, इसमें उन्हें सफलता भी मिली। उन्होंने कई विकास कार्यों को प्राथमकिता दी। निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क स्थापित किया। आदिवासी बहुल इस निर्वाचन क्षेत्र में बड़े जनसंपर्क होने के कारण ही उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। साक्री विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने लगातार एकनाथ शिंदे से संपर्क बनाए रखा। अकेली मजबूत उम्मीदवार होने के कारण उन्हें मौका दिया गया है।
शिक्षा व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में उठाए कदम
साक्री के आदिवासी बहुल और दुर्गम अपने निर्वाचन क्षेत्र में शैक्षणिक सुविधाएं बनाने पर मंजुला गावित ने विशेष ध्यान दिया। भांडे ग्राम पंचायत सीमा की 16 एकड़ जमीन एकलव्य आवासीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल को दी गई। इसका संचालन ट्राइबल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाता है। उनके ही प्रयासों से शिक्षा का डिजिटलीकरण करने पर ध्यान दिया गया और कुडाशी तथा आंबे पाड़ा स्थित आंगनवाड़ी शिक्षा केंद्रों में शिक्षा संबंधी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया गया।












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