Maharashtra Elections: 25 लाख नौकरियों की पैदा हुई उम्मीद, महायुति की वजह से युवाओं के हौसले बुलंद
Maharashtra Chunav: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत कोल्हापुर में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से महायुति के घोषणापत्र के अनावरण के साथ हुई। इसमें एक प्रमुख वादा 25 लाख नौकरियां पैदा करके युवाओं की बेरोजगारी दूर करने का था। इसके अलावा, घोषणापत्र में 10 लाख छात्रों को कौशल प्रशिक्षण के लिए 10,000 रुपए मासिक वजीफा देने का भी वादा किया गया।
युवाओं को रोजगार के लिए सरकारी पहल
राज्य सरकार रोजगार के मुद्दों पर युवाओं की चिंताओं को दूर करने में सक्रिय रही है। पिछले बजट में, इसने सालाना एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना की घोषणा की, जिससे उन्हें शिक्षा और नौकरी दोनों का लाभ मिलेगा। इस पहल के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का व्यय आरक्षित किया गया है।

सरकार का लक्ष्य मानव विकास और कौशल संवर्धन पर केंद्रित एक परियोजना के माध्यम से 500 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को बढ़ाना भी है।
इन प्रयासों को समर्थन देने के लिए विश्व बैंक से 2 हजार 307 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने अपनी योजनाओं को आकार देने के लिए और इस संबंध में जागरूकता लाने के लिए हर साल 50 हजार युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं।
रोजगार मेले और कौशल प्रशिक्षण
इस वर्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार मेला और नमो रोजगार मेला जैसे आयोजनों के माध्यम से लगभग 95 हजार 478 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। साथ ही, क्षेत्र के 18 हजार 980 छात्रों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
टीआरटीआई, बार्टी, सारथी, महाज्योति और अमृत जैसी विभिन्न संस्थाओं ने लगभग 2 लाख 51 हजार 393 छात्रों को रोजगार दिलाने में योगदान दिया है।
औद्योगीकरण और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया
सरकार का लक्ष्य न्यूनतम कौशल कार्यक्रम लागू करके औद्योगिक क्षेत्र में जनशक्ति तैयार करना है। औद्योगिकीकरण और विविध पाठ्यक्रमों पर जोर देने का उद्देश्य प्रशिक्षित श्रमिकों की उपलबध्ता बढ़ानी है। लक्ष्य स्पष्ट है: पांच वर्षों में महाराष्ट्र में कम से कम 25 लाख नौकरियां पैदा करना।
जुलाई में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं के कौशल और रोजगार पर ध्यान केंद्रित करते हुए बजट पेश किया। भारत की दो-तिहाई आबादी युवा है, इसलिए भाजपा ने 4.1 करोड़ नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए केंद्र ने रोजगार पहल के लिए दो लाख करोड़ और शिक्षा और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
यदि महाराष्ट्र में महायुति सत्ता में लौटता है, तो राज्य की योजनाओं को केंद्रीय पहलों के साथ जोड़कर 25 लाख नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य कुशलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।












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