Maharashtra Election Results 2024: महायुति ने RSS की छत्रछाया में जीता महाराष्ट्र, जानिए संघ की पूरी रणनीति
Maharashtra Election Results 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा नेतृत्व वाले महायुति की अभूतपूर्व जीत ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चुनावी प्रभावशीलता और रणनीतिक भूमिका को रेखांकित किया है। 288 सदस्यीय विधानसभा में महायुति ने 230 से अधिक सीटें जीतकर विपक्ष को ध्वस्त कर दिया। जबकि महा विकास अगाड़ी गठबंधन मात्र 50 सीटों पर सिमट गया।
संघ का व्यापक आउटरीच कार्यक्रम
चुनाव से पहले RSS ने एक सुनियोजित अभियान के तहत जनमत को प्रभावित करने और अपने विचारों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में कई आउटरीच कार्यक्रम चलाए। यह पहल बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के लिए मजबूत आधार तैयार करने में सहायक रही।

सूत्रों के अनुसार, संघ की छोटी-छोटी टीमों ने गांवों और कस्बों में जाकर विभिन्न समुदायों के साथ संवाद किया। इन चर्चाओं में राष्ट्रीय हित, हिंदुत्व, शासन और स्थानीय मुद्दों पर जोर दिया गया। लेकिन प्रत्यक्ष रूप से किसी भी राजनीतिक दल का प्रचार नहीं किया।
फडणवीस और संघ का सहयोग
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार किया कि लोकसभा चुनावों में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद भाजपा ने संघ से समर्थन मांगा। फडणवीस ने चुनाव के दौरान नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की। जिसे चुनावी रणनीति को धार देने का एक कदम माना जा रहा है।
महायुति की जीत पर गडकरी ने जताया आभार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने X पर महायुति की ऐतिहासिक जीत के लिए जनता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों और संघ कार्यकर्ताओं के प्रयासों की भी सराहना की। जिन्होंने चुनाव के दौरान मतदाता जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
हरियाणा में भी संघ का असर
यह केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा। हरियाणा विधानसभा चुनावों में भी RSS और उसके सहयोगियों ने ड्राइंग रूम मीटिंग्स और समूह चर्चाओं के जरिए भाजपा की चुनावी रणनीति को बल दिया।
हरियाणा में संघ ने 1.25 लाख से अधिक छोटी बैठकें आयोजित की। जिनका असर राज्य में 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की 48 सीटों की रिकॉर्ड जीत में स्पष्ट रूप से देखा गया।
RSS की रणनीति का असर
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार इस साल हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा के अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन का एक बड़ा कारण संघ कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी थी। लेकिन विधानसभा चुनावों में संघ और भाजपा के बीच बेहतर तालमेल ने सफलता का नया अध्याय लिखा।
महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के परिणाम यह साबित करते हैं कि RSS की जमीनी रणनीतियां और भाजपा की राजनीतिक नेतृत्व क्षमता एक साथ मिलकर राजनीतिक माहौल को बदलने में सक्षम हैं। यह महायुति की ऐतिहासिक जीत न केवल भाजपा के लिए बल्कि संघ के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।












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