महाराष्ट्र में कौन होगा MVA के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार? विपक्षी गठबंधन से मिलने लगे संकेत
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर चर्चा शुरू हो गई है। राज्य में इसी साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं और लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन की वजह से इंडिया ब्लॉक की सहयोगियों के हौसले बुलंद हैं।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को सीएम उम्मीदवार के तौर पर पेश करने की मांग करके नई बहस छेड़ दी है और दूसरे सहयोगियों ने इसपर बहुत ही नकारात्मक उत्तर दिया है।

उद्धव के चहरे पर मिले एमवीए को वोट- संजय राउत
राउत ने गुरुवार को कहा, 'अगर हम विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री का चेहरा पेश नहीं करेंगे, तो इससे एमवीए के हितों पर असर पड़ेगा। लोगों ने उद्धव ठाकरे का चेहरा देखकर (लोकसभा चुनावों में )एमवीए को वोट दिया है।'
सीएम का चेहरा उचित समय पर बताया जाएगा- उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन एमवीए में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी), शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस पार्टी शामिल है। वैसे सीएम के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि इसका खुलासा उचित समय पर किया जाएगा।
बीजेपी बताए कि नाकामी का चेहरा कौन- उद्धव
लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर यह कहकर निशाना साधा है कि पहले बीजेपी को बताना चाहिए कि 'नाकामी का चेहरा' कौन है। राज्य में सत्ताधारी महायुति गठबंधन में बीजेपी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी शामिल है।
एमवीए सरकार में सीएम रह चुके हैं उद्धव ठाकरे
ठाकरे से मीडिया से बातचीत के दौरान पूछा गया था कि क्या इस साल होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर एमवीए के सीएम चेहरा को लेकर कोई बात हुई है। उद्धव नवंबर 2019 से जून 2022 तक एमवीए के नेता के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
लोकसभा चुनावों के बाद बदला एमवीए का समीकरण
राज्य में हाल में हुए लोकसभा चुनावों में एमवीए गठबंधन ने सत्ताधारी महायुति के मुकाबले बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है। एमवीएम को राज्य की 48 में से 30 सीटें मिली हैं। वहीं सत्ताधारी महायुति या एनडीए को सिर्फ 17 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है। लेकिन, इस रिजल्ट से एमवीए के अंदर का गणित भी गड़बड़ा गया है, इसलिए सीएम उम्मीदवार एक चर्चा का विषय बन चुका है।
कांग्रेस ने राउत की मांग को नकारा
उद्धव ठाकरे को सीएम के चेहरे के तौर पर पेश करने वाले राउत के बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट ने कहा, 'इस तरह के सभी फैसले तीनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से बातचीत के आधार पर लिया जाएगा।'
लोकसभा चुनावों के बाद काफी उत्साहित है शरद पवार की पार्टी
एक दिन पहले ही शरद पवार गुट की एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा था कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों को विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम लेने से दूर रहना चाहिए और इसके बजाए राज्य में सत्ता में वापस होने पर फोकस करना चाहिए।
जीतने की क्षमता ही एकमात्र मानदंड- जयंत पाटिल
उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी एमवीए के किसी भी सहयोगी को एकतरफा ये घोषणा नहीं करनी चाहिए कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। क्योंकि, आने वाले चुनावों में जीतने की क्षमता ही एकमात्र मानदंड होगा।
स्ट्राइक रेट में पिछड़ी उद्धव की पार्टी
शरद पवार की पार्टी के तेवर इसलिए बदले हुए हैं, क्योंकि सिर्फ 10 लोकसभा सीटों पर लड़कर ही पार्टी 8 सीटें जीती है और 80% स्ट्राइक रेट के साथ उसका प्रदर्शन सबसे बेहतर है। जबकि, उद्धव ठाकरे की पार्टी को 17 सीटों में से महज 9 सीटें ही मिल पाई हैं। कांग्रेस 13 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।












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