'गुलामी की मानसिकता से मुक्त आत्मनिर्भर भारत...', भारतीय न्याय संहिता के पारित होने पर बोले देवेंद्र फडणवीस
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र की ओर से लाए गए आपराधिक कानून से जुड़े तीनों बिल संसद के दोनों सदनों में पारित हो गए। इस पर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र की मोदी सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक - 2023, भारतीय नागरिक संहिता विधेयक- 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक- 2023 के पारित होने के कारण आपराधिक कानून गुलामी की मानसिकता से मुक्त हुआ है।
आपराधिक कानून से जुड़े तीनों बिल लोकसभा के दोनों सदनों में पारित होने के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Deputy CM Devendra Fadnavis) ने एक्स पर एक पोस्ट किया। नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक - 2023, भारतीय नागरिक संहिता विधेयक- 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक- 2023 को लेकर उन्होंने एक्स पर लिखा, "लोकसभा और राज्यसभा से नए आपराधिक कानून विधेयक का पास होना भारत के इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण है।"

डिप्टी सीएम ने इसे ऐतिहासिक पल बताते हुए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, "अब भारत में भारतीय संसद द्वारा भारतीय लोगो के न्याय के लिए बनाया गया कानून होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक - 2023, भारतीय नागरिक संहिता विधेयक- 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक- 2023 के पारित होने के कारण आपराधिक कानून गुलामी की मानसिकता से मुक्त हुआ है।"
पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए उन्होंने फडणवीस ने आगे कहा, "भारत में अब स्वदेशी न्याय प्रणाली अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानूनों की जगह लेगी। आम आदमी के हित के लिए केंद्रित कानून नागरिकों के अधिकारों को सर्वोच्च रखकर समाज के हर तबके की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे। आधुनिक एवं आत्मनिर्भर भारत की स्वदेशी न्याय प्रणाली आम लोगों को पारदर्शी और जल्द न्याय प्रदान करने का काम करेगी। भारत को अपने स्वदेशी आपराधिक न्याय कानून दिलाने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मा. गृहमंत्री अमितभाई शाह जी को बहुत -बहुत बधाई।"












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