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Maharashtra civic polls: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए निर्णायक बनेंगे BMC चुनाव, कब होगी वोटिंग और काउंटिंग?

Maharashtra civic polls: महाराष्ट्र की राजनीति में हमेशा ही बीएमसी चुनाव का अपना महत्व रहा है। दो दिसंबर को मतदान होने वाले हैं और इसके बाद तीन तारीख को मतों की गणना होगी। इस चुनाव नतीजे का असर प्रदेश की पार्टियों पर ही नहीं, बल्कि मौजूदा महायुति सरकार पर भी पड़ना तय है। मुंबई नगरपालिका का बजट छोटे राज्यों के कुल बजट से भी ज्यादा होता है। एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका और मुंबई की "मिनी सरकार" मानी जाने वाली बीएमसी चुनाव देश की राजनीति को प्रभावित करने का दम रखती है।

यह चुनाव सिर्फ स्थानीय निकाय का नहीं, बल्कि राज्य की भविष्य की सत्ता-समीकरण का भी फैसला करेगा। एनसीपी और शिवसेना के विभाजन के बाद होने वाला यह पहला बीएमसी चुनाव है। बीएमसी के चुनाव नतीजे राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं। जानें मतदान की तारीख से लेकर काउंटिंग तक की सारी डिटेल।

Maharashtra civic polls

Maharashtra civic polls: कब डाले जाएंगे वोट?

- चुनाव प्रचार एक दिसंबर रात 10 बजे तक चलेगा और वोटिंग 2 दिसंबर को होगी। मतों की गणना 3 दिसंबर को की जाएगी।

- चुनाव कार्यक्रम की घोषणा चार नवंबर को राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने की थी, जिसके बाद आचार संहिता लागू हुई।

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- इन चुनावों में कुल 6,859 और 288 अध्यक्षों का चुनाव होगा। मुंबई के 1.07 करोड़ से अधिक मतदाता 13,355 मतदान केंद्रों पर वोट करेंगे।

- पूरे चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल होगा और 66 हजार से अधिक कर्मचारी तैनात रहेंगे। बीएमसी चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से मुंबई में सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया गया है।

BMC के नतीजों का असर प्रदेश की राजनीति पर

बीएमसी का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हुआ था, लेकिन चुनाव अब तक नहीं कराए गए। बीएमसी का कुल बजट पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे कि मणिपुर, मेघालय वगैरह से ज्यादा होता है। लंबे समय तक बीएमसी पर शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर राज किया था। उससे पहले वामपंथी दलों का भी भी मुंबई के निकाय चुनाव में दबदबा रहता था। हालांकि, शिवसेना के टूटने के बाद अब ठाकरे परिवार के लिए यह अस्तित्व बचाने की लड़ाई है। दूसरी ओर एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच मतभेद की खबरें आती रहती हैं। चुनाव नतीजों के बाद प्रदेश की महायुति सरकार का भविष्य भी तय होगा। महाराष्ट्र में बीजेपी को एकनाथ शिंदे की अब जरूरत नहीं है, लेकिन केंद्र की राजनीति में वह अहम घटक जरूर हैं।

चुनाव नतीजों के बाद ही पूरे प्रदेश की राजनीति पर इसका असर पड़ेगा। मुंबई में इस बार चुनाव के सबसे अहम मुद्दे सड़कों की मरम्मत और वॉटर लॉगिंग है। इसके अलावा, अवैध झुग्गियों को कानूनी मान्यता दिए जाने, सस्ते आवास और परिवहन सुविधाएं भी इस चुनाव के जरूरी मुद्दे हैं।

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