Maharashtra Chunav: महाराष्ट्र में MVA की सत्ता का राउत ने किया दावा, बताया कौन बैठेगा CM की कुर्सी पर?
Maharashtra Chunav 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की वोटिंग पूरी हो चुकी है, और अब सभी की निगाहें नतीजों पर टिकी हैं। वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल के नतीजों ने राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां अधिकतर एग्जिट पोल महायुति (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) की जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं महा विकास अघाड़ी (एमवीए) भी अपनी सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।
इस बीच, कांग्रेस से नाना पटोले के सीएम का चेहरा होने के दावे पर राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को आगे आकर सीएम का नाम घोषित करना चाहिए। आइए जानते हैं इस चुनावी घमासान के बीच सीएम दावे और बयानों के बारे में...

एग्जिट पोल और रुझान क्या कहते हैं?
एग्जिट पोल के अनुसार, महायुति को बहुमत मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, एमवीए (शिवसेना-यूबीटी, कांग्रेस, और एनसीपी का गठबंधन) के नेता संजय राउत का दावा है कि उनकी पार्टी और सहयोगी 160-165 सीटें जीतेंगे। उन्होंने कहा,"हम बहुमत के आंकड़े को छू रहे हैं। मुख्यमंत्री का फैसला एमवीए के सभी नेता मिलकर करेंगे।"
नाना पटोले बनेंगे मुख्यमंत्री?
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने विश्वास जताया कि कांग्रेस के नेतृत्व में एमवीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा, "ज्यादातर लोग कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं। सीएम एमवीए से ही होगा।" हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने पटोले के दावे को नकारते हुए कहा, "मुख्यमंत्री के नाम पर कोई भी निर्णय सभी नेताओं की सहमति से होगा। अगर कांग्रेस ऐसा चाहती है, तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को इसे स्पष्ट करना चाहिए।"
भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप
नाना पटोले ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता "कैश फॉर वोट" जैसे कामों में लिप्त हैं। विनोद तावड़े का मामला उजागर करते हुए पटोले ने भाजपा महासचिव पर पैसे बांटने का आरोप लगाया। वर्धा में शराबबंदी का उल्लंघन पर उन्होंने कहा, "देवेंद्र फडणवीस के पीए के गोदाम से शराब मिली है, जो वर्धा जैसे शराबबंदी वाले जिले में आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है।"पटोले ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्थाओं का सम्मान नहीं करती।
महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे आने में कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन सियासी पारा पहले ही चरम पर है। एमवीए और महायुति के बीच मुकाबला कड़ा है। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह नतीजों के बाद की राजनीति और सहयोगी दलों के फैसले पर निर्भर करेगा।












Click it and Unblock the Notifications