मुंबई के अटल सेतु टोल की दरें क्या बढ़ाई जाएगी? महाराष्ट्र कैबिनेट ने किया बड़ा ऐलान
महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल ने इस साल के अंत तक अटल सेतु पर टोल दरों को ना बढ़ाने का निर्णय लिया है। दिसंबर 2025 तक अटलट सेतु का टोल टैक्स 250 रुपये ही रखने का फैसला किया है।
बता दें अटल सेतु भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है जो दक्षिण मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ता है। इस फैसले से वाहन चालकों को अगले एक साल के लिए अटल सेतु, जिसे मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के रूप में भी जाना जाता है, उस पर टोल दरों में दिसंबर तक इजाफा नहीं होगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान में पुष्टि की गई है कि मंत्रिमंडल सालाना टोल दरों की समीक्षा करेगा और 31 दिसंबर, 2025 तक इन रियायती दरों को बनाए रखेगा। परिणामस्वरूप, चार पहिया वाहनों, जैसे कारों और एसयूवी के लिए न्यूनतम टोल 250 रुपये पर रहेगा। यह पिछले साल 4 जनवरी को मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा प्रस्तावित टोल दरों पर 50% की छूट देने के पिछले फैसले का पालन करता है।
पुल के उद्घाटन
अटल सेतु, जिसे आधिकारिक तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-नहावा शेवा अटल सेतु के नाम से जाना जाता है, 21.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है और इसका निर्माण एमएमआरडीए ने किया था। इसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी, 2024 को किया था और अगले दिन इसे जनता के लिए खोल दिया गया था। पुल का निर्माण 21,200 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था, जिसमें से 15,000 करोड़ रुपये का वित्तपोषण ऋणों के माध्यम से किया गया था।
इस छह लेन वाले समुद्री लिंक में पानी के ऊपर 16.50 किलोमीटर का हिस्सा और जमीन पर 5.50 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। इसने मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत के लिए यात्रा समय को काफी कम कर दिया है, साथ ही मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच संपर्क को बढ़ाया है।
प्रति दिन लगभग 23,000 वाहन गुजरते हैं
एमएमआरडीए की एक रिपोर्ट के अनुसार, अटल सेतु में प्रति दिन औसतन 23,000 से कम वाहन दर्ज किए गए हैं, जो कि शुरुआती अनुमानों से कम है जो प्रति दिन 56,000 से अधिक वाहन थे। पुल से 2021 तक प्रति दिन औसतन 57,525 वाहन और 2031 तक 88,550 वाहन चलाने की उम्मीद थी।












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