MVA में उद्धव की राह नहीं आसान! महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले पवार दिखाने लगे 'पावर'
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनावों का असर सिर्फ सत्ताधारी महायुति गठबंधन में ही नहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी(MVA) में भी दिखाई दे रहा है। राज्य में अक्टूबर में ही विधानसभा चुनाव होने हैं और इसके लिए अभी से लोकसभा चुनावों में प्रदर्शन को आधार बनाया जाने लगा है।
एनसीपी-शरदचंद्र पवार के सुप्रीमो शरद पवार ने जिस तरह के संकेत दिए हैं, उससे शिवसेना-यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे को करारा झटका लग सकता है। लोकसभा चुनावों में तो वे 2019 के चुनावों का हवाला देकर अधिकतर सीटों पर अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारने में सफल रहे थे। लेकिन, विधानसभा चुनावों में उनके मंसूबे ध्वस्त होने के आसार लग रहे हैं।

बेहतर स्ट्राइक रेट के साथ पवार की पार्टी का मनोबल मजबूत
लोकसभा चुनावों में महा विकास अघाड़ी में सबसे बेहतर स्ट्राइक रेट शरद पवार की पार्टी का रही है। एनसीपी-एससी को गठबंधन के तहत 10 सीटें मिलीं और वह 80% स्ट्राइक रेट के साथ 8 सीटें जीत गई। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी लेकिन, स्ट्राइक रेट के मामले में वह पवार की पार्टी से थोड़ी पिछड़ गई। कांग्रेस ने 48 सीटों में से 17 पर लड़कर 13 पर जीत दर्ज की है।
उद्धव ठाकरे की पार्टी की स्ट्राइक रेट एमवीए में सबसे खराब
हालांकि, लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में एमवीए ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन को करारी हार दी है, लेकिन उद्धव ठाकरे की शिवसेना का इसमें अपने सहयोगियों के मुकाबले सबसे घटिया प्रदर्शन रहा है। शिवसेना-यूबीटी सबसे अधिक 21 सीटों पर लड़ी और सिर्फ 9 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी।
विधानसभा चुनावों से पहले पवार दिखाने लगे 'पावर'
इस तरह के चुनाव परिणाम के बाद पवार ने पुणे में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से जो कुछ कहा है, उससे राजनीतिक तौर पर उद्धव के कान खड़े हो सकते हैं। पवार के मुताबिक प्रदेश की सत्ता में होना बहुत महत्वपूर्ण है और उन्हें आने वाले विधानसभा चुनावों में इसे हासिल करना है।
'विधानसभा (चुनावों) में सीटों का आवंटन न्यायसंगत होगा'
इसके बाद एनसीपी-एसपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम गोपनीय रखने का अनुरोध करते हुए कहा, '288 सदस्यीय विधानसभा (चुनावों) में सीटों का आवंटन न्यायसंगत होगा। एमवीए के अंदर कोई बड़ा भाई या छोटा भाई नहीं है। हालिया चुनावों ने गठबंधन की सभी पार्टियों ने ताकत का प्रदर्शन किया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमने ज्यादा सीटें जीती हैं और विधानसभा चुनावों में अतिरिक्त सीटें जीतने में सक्षम हैं। इसलिए एमवीए के पार्टनर्स को सिर्फ जीतने वाले फॉर्मूले का इस्तेमाल करना चाहिए, तभी हम राज्य में 145 के जादुई नंबर को पार करने में सक्षम होंगे। प्रत्येक पार्टी को प्रदेश विधानसभा चुनावों में हाई स्ट्राइक रेट का लक्ष्य रखना चाहिए।'
2019 के विधानसभा चुनाव में किस तरह हुआ सीटों का बंटवारा?
2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना (संयुक्त) का बीजेपी के साथ गठबंधन था और तब वह 126 सीटों पर लड़कर 56 सीटें जीती थी। वहीं तब एनसीपी (संयुक्त) और कांग्रेस के बीच गठबंधन था। तब एनसीपी 121 सीटों पर लड़कर 54 सीटें जीती थी। वहीं कांग्रेस 147 सीटों पर लड़कर 44 सीटें हासिल की थी।
पवार के पावर लगाने से उद्धव के मंसूबों पर फिर सकता है पानी
अब अगर पवार ने सीटों के बंटवारे में स्ट्राइक रेट वाले फॉर्मूले के लिए अपना पावर लगाया तो सबसे ज्यादा मुश्किल उद्धव ठाकरे की ही बढ़ सकती है और उन्हें गठबंधन में बने रहने के लिए कम सीटों पर समझौता करना पड़ सकता है।












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