Love Story: पहली नजर में ही सुप्रिया पर आया था बिजनेसमैन का दिल, शरद पवार ने क्यों नहीं किया बेटी का कन्यादान?
Supriya Sule Love Story: आज सुबह से NCP (SP) की वर्किंग प्रेसिडेंट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सांसद सुप्रिया सुले लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं, वजह है उनकी बेटी की शादी, दरअसल उनकी लाडली बिटिया रेवती सुले की शादी पक्की हो गई है। रेवती के भाई विजय सुले ने सोशल मीडिया पर अपनी बहन के ब्याह की बात कन्फर्म की है।
मालूम हो कि रेवती का रिश्ता सारंग अरुण लखानी से तय हुआ है,जो कि मूल रूप से मुंबई के ही रहने वाले हैं और विश्वराज ग्रुप के अध्यक्ष अरुण लखानी के पुत्र हैं। हालांकि शादी या सगाई की कोई डेट अभी सामने नहीं आई है, लोगों को उम्मीद है कि ये शादी काफी धूम-धाम और रॉयल होगी लेकिन जो सुप्रिया को करीब से जानते हैं उन्हें भरोसा है कि राजनीति के 'चाणक्य' कहे जाने वाले शरद पवार की बेटी अपनी शादी की तरह अपनी लड़की की भी शादी काफी सादगी से करेंगी।

जी हां, शरद पवार और प्रतिभा पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने 4 मार्च 1991 को मशहूर बिजनेसमैन सदानंद भालचंद्र सुले से शादी की थी, ये प्रेमविवाह था। आपको बता दें कि शुरू से ही पढ़ने में बेहद मेधावी सुप्रिया भले ही एक सशक्त सियासी परिवार से ताल्लुक रखती हैं लेकिन वो अपनी लाइफ सिंपल तरीके से ही जीती आई हैं। गौरतलब है कि सुप्रिया स्नातक करने के बाद पुणे अपने चाचा के पास रहने चली गई थीं और वहां पर कुछ दिनों के लिए एक अखबार में पत्रकार के तौर पर काम किया था।
एक पार्टी में हुई थी सुप्रिया और सुले की मुलाकात (Supriya Sule Love Story)
इसी दौरान वहां उनकी कुछ सहकर्मियों से दोस्ती हुई , जिनके साथ वो एक पार्टी में गई थीं, जहां उनकी मुलाकात सदानंद सुले से हुई, जिस वक्त सुप्रिया उनसे मिली थीं, तब तो वो उनके बैकग्राउंड के बारे में नहीं जानती थीं। सदानंद को पहली नजर में ही सु्प्रिया पसंद आ गई और फिर दोनों में मित्रता हुई, जो कि जल्दी ही प्रेम में बदल गई, सदानंद से दोस्ती के बाद सुप्रिया सुले को पता चला कि वो महिंद्रा एंड महिंद्रा के पूर्व प्रबंध निदेशक भालचंद्र सुले और शशि भट्ट के बेटे हैं।

मेहमानों को सिर्फ पेड़ा खाने को मिला (Supriya Sule Love Story)
शशि भट्ट देश की जाने-माने बैडमिंटन खिलाड़ी रही हैं। वो भारतीय सिविल सेवा अधिकारी एम डी भट्ट की बेटी थीं, जिन्होंने बॉम्बे राज्य के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था। सु्प्रिया और सदानंद दोनों के रिश्ते को घरवालों की मोहर मिल गई थी, इसलिए दोनों परिणय सूत्र बंधन में बंध गए लेकिन ये शादी बहुत ही सिंपल थी, इसमें कोई बैंड-बाजा नहीं बजा और ना ही ग्रैंड पार्टी हुई उल्टा इसमें मेहमानों को सिर्फ एक पेड़ा खाने को दिया गया था, हालांकि इस शादी में राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन जगत की कई हस्तियां शामिल हुई थीं।
मेरी बेटी की शादी भी सिंपल होगी: Supriya Sule
इस शादी के बारे में पुणे के एक पब्लिक इवेंट में, सुप्रिया सुले ने बात की थी उन्होंने कहा था कि 'मेरी बेटी की शादी भी सिंपल होगी। मेरी शादी में मेरे पापा ने पटाखे नहीं फोड़े। कोई फैंसी ड्रेस या फूलों की सजावट और बैंड बाजा नहीं था। असल में, कोई शादी की दावत नहीं थी। जो लोग इसमें शामिल हुए थे उन्हें याद होगा कि शामिल होने वाले को एक पेड़ा दिया गया था। अगर आपने शादी का इनविटेशन देखा होता, तो आप हंस पड़ते। मैं फिजूलखर्ची वाले फंक्शन के खिलाफ नहीं हूं लेकिन मुझे लगता है कि शादी को परिवार के स्टेटस से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।'

शरद पवार ने क्यों नहीं किया था बेटी Supriya Sule का कन्यादान?
इसलिए आप अंदाजा लगा सकते हैं के रेवती सुले की शादी भी बहुत ही सादगी से होगी। यही नहीं सुप्रिया सुले की शादी में दिग्गज तो पहुंचे थे लेकिन उनके पिता नहीं, आपको जानकर हैरत होगी कि उनका कन्यादान उनके पिता शरद पवार ने नहीं किया था। लल्लनटॉप को दिए गए इंटरव्यू में, सुप्रिया सुले ने भी बताया था कि उनके माता-पिता ने उनका कन्यादान नहीं किया बल्कि उनके चाचा, प्रताप पवार और उनकी पत्नी ने सुप्रिया का कन्यादान किया था क्योंकि पापा किसी राजनीतिक काम की वजह से दिल्ली में थे और शादी में नहीं आ पाए थे।'

कई कंपनियों में निदेशक रह चुके हैं Supriya Sule के पति
आपको बता दें कि शादी के बाद सुप्रिया भी कुछ साल के लिए अमेरिका चली गईं और उन्होंने बर्कले यूनिवर्सिटी में वाटर पॉल्यूशन को लेकर एक रिसर्च पेपर भी लिखा था। इस शादी से उन्हें बेटा - विजय और एक बेटी - रेवती है। यहां आपको ये भी बता दें कि रिश्ते में सदानंद सुले शिवसेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे के भांजे हैं और कई कंपनियों में निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं।












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