Lok Sabha Elections 2024: क्या महाराष्ट्र बिगाड़ेगा भाजपा का गणित? चलेगा पवार का पावर? क्या कहता है सर्वे?
Times Now ETG Research survey: यूपी के बाद ही महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा लोकसभा की सीटें हैं और इसी वजह से हर किसी की नजर इस राज्य पर है। पिछले लोकसभा चुनाव में तो भाजपा ने यहां बड़ा कमाल किया था लेकिन इस बार समीकरण उल्टे हो गए हैं।

क्योंकि महाराष्ट्र में अब शिवसेना (ठाकरे गुट) और भाजपा साथ नहीं है, वहां इस वक्त शिंदे-भाजपा सरकार राज कर रही है, जिसमें एनसीपी से अलग हुए अजीत पवार और उनका गुट भी शामिल है।
शिवसेना (ठाकरे गुट) और एनसीपी साथ
शिवसेना (ठाकरे गुट) और एनसीपी साथ है, जो कि इंडिया गठबंधन के अहम चेहरे है। मोदी सरकार के खिलाफ खुले तौर पर जहर उगलने वाले दोनों दलों ने दावा किया है कि 'साल 2024 में पीएम मोदी बैक नहीं होंगे, इन्होंने राज्य में षड़यंत्र रचकर सरकार बनाई है। जिसका जवाब जनता साल 2024 में देगी।'
महाराष्ट्र की जनता के मन में क्या है?
लेकिन क्या सच में महाराष्ट्र की जनता भी इस बारे में ऐसा ही सोचती है? क्या वो भी मोदी सरकार के खिलाफ है, इस बात को जानने के लिए टाइम्स नाउ ईटीजी रिसर्च ने एक सर्वे किया और महाराष्ट्र की जनता का मूड जानने की कोशिश की। इस सर्वे में काफी चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं।
क्या कहता है सर्वे?
कुल सीटें 48
- NDA (बीजेपी-शिवसेना) ( एनसीपी अजीत गुट ) को 27-31 सीटें
- MVA-कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी शरद पवार गुट को 16-20 सीटें (I.N.D.I.A अलायंस )
- AIMIM को एक सीट
- अन्य को1 से 2 सीट मिल सकती है।
अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए को लोकसभा चुनावों में 47 प्रतिशत और MVA ग्रुप को 41 प्रतिशत वोट मिल सकता है। बाकी 11 फीसदी वोट अन्य के खाते में जाएगा।
भाजपा को होगा सीटों का नुकसान: Survey
सर्वे के रिजल्ट के हिसाब से भाजपा को पिछली बार की तुलना में इस बार सीटों का नुकसान तो दिख रहा है लेकिन अभी भी वो बेहतर पोजिशन में है तो वहीं MVA को अगर उसे तगड़ी चुनौती देनी है तो उसे अभी से ही अपनी रणनीति को बदलना होगा।
2019 चुनाव परिणाम में ये थी सीटों की स्थिति
- कुल सीटें 48
- NDA- 41
- UPA-5
- AIMIM-1
- अन्य-1
एक नजर महाराष्ट्र विधानसभा की स्थिति पर
- साल 2019 में 288 सीटों पर हुए थे चुनाव।
- बहुमत मिला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना (एसएचएस) को लेकिन सीएम पद को लेकर हुआ मतभेद और गठबंधन टूटा और सरकार नहीं बन पाई।
- राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था।
- 23 नवंबर 2019 को देवेंद्र फड़णवीस ने मुख्यमंत्री और अजीत पवार ( शरद पवार से अलग होक) ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली लेकिन दोनों ने फ्लोर टेस्ट से पहले 26 नवंबर 2019 को इस्तीफा दे दिया।
- 28 नवंबर 2019 को, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने एक नए गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के तहत सरकार बनाई, जिसमें उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे।
- 29 जून 2022 को, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले विधायकों के एक गुट के शिवसेना से अलग होने का ऐलान किया , जिससे एमवीए की सरकार गिर गई। उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया
- एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद सरकार बनाई और एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री और देवेंद्र फड़णवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।












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