Maharashtra: निवेश धोखाधड़ी मामले में ED का एक्शन, 5.51 करोड़ के जेवरात और 1.21 करोड़ कैश जब्त
महाराष्ट्र में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निवेश धोखाधड़ी मामले में 5.51 करोड़ रुपए के आभूषण और 1.21 करोड़ रुपए कैश जब्त किए हैं। ईडी ने नागपुर और मुंबई में 15 स्थानों पर तलाशी और सर्वे किया।

Maharashtra Investment Fraud: निवेश धोखाधड़ी (Investment Fraud) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वित्तीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नागपुर और मुंबई में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें तलाशी के दौरान ईडी की टीम को 5.51 करोड़ रुपये के जेवरात और 1.21 करोड़ रुपये कैश मिले हैं। ईडी ने पंकज मेहदिया, लोकेश और कथिक जैन द्वारा निवेश धोखाधड़ी के संबंध में नागपुर और मुंबई में 15 स्थानों पर तलाशी और सर्वे किया।
ईडी ने बताया कि 5.51 करोड़ रुपये के बेहिसाब आभूषण और 1.21 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं। आगे की जांच जारी है। बता दें कि ईडी ने पंकज मेहदिया और अन्य के निवेश धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 3 मार्च को तलाशी ली थी। जांच एजेंसी ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी पंकज मेहदिया, लोकेश जैन और कार्तिक जैन के घर, ऑफिस और मुख्य लाभार्थियों के दफ्तर और आवासीय परिसरों की भी तलाशी ली थी।
सर्च ऑपरेशन के दौरान 5.51 करोड़ रुपये की कीमत के सोने और हीरे के जेवरात, 1.21 करोड़ रुपये की नकदी के साथ कुछ डिजिटल उपकरण और कई दस्तावेज भी बरामद किए गए।
बता दें कि यह पूरा मामला निवेश घोटाले और पीएमएलए 2002 से जुड़ा है। ईडी ने सीताबुलडी पुलिस स्टेशन, नागपुर में दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की। पंकज मेहादिया, लोकेश जैन, कार्तिक जैन, बालमुकुंद लालचंद कील, प्रेमलता नंदलाल महदिया के खिलाफ धोखाधड़ी में करोड़ों रुपये के निवेशकों को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज है।
पीएमएलए जांच से खुलासा हुआ है कि पंकज मेहदिया अन्य सहयोगियों के साथ एक पोंजी योजना चला रहे थे और साल 2004 से 2017 तक किए गए निवेश पर टीडीएस काटने के बाद 12 प्रतिशत निश्चित लाभ देने का वादा करके विभिन्न निवेशकों को लुभाते थे। उन्होंने लोगों को भरोसे में रखकर ठगा है।












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