पुणे के इस कॉरिडोर से ट्रैफिक होगा कम, कनेक्टिविटी होगी बेहतर, सरकार ने HCMTR प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
महाराष्ट्र सरकार ने पुणे में पब्लिक ट्रांसपोटेशन को और बेहतर और ट्रैफिक को कम करने के लिए एक कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया। पुणे हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट (HCMTR) नाम के इस प्रोजेक्ट में कुछ बदलावों को महाराष्ट्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
HCMTR परियोजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन के लिए ये कॉरिडोर बनवाकर पुणे में यातायात की भीड़ को कम करना है।

पर्यावरणविदों और स्थानीय निवासियों ने बालभारती-पौड़ फाटा खंड को लेकर आपत्ति जताई थी और कहा था कि ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि शहर में यातायात को कम करने के लिए यह महत्वपूर्ण है। ये ही वजह है कि इस प्रोजेक्ट में बालभारती-पौड़ फाटा खंड को बरकरार रखना शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि प्रतिपूरक वनरोपण और अन्य शमन रणनीतियों को लागू किया जाएगा।
सरकार इस बात पर जोर देती है कि यातायात की भीड़भाड़ कम होने के लाभ पर्यावरणीय लागतों से अधिक हैं। महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है इससे यातायात कम होगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
एचसीएमटीआर प्रोजेक्ट क्या है?
एचसीएमटीआर नाम के इस प्रोजेक्ट के तहत पुणे के चारों ओर 36 किलोमीटर लंबी रिंग रोड बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ना और बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों के लिए एक निर्बाध पारगमन मार्ग प्रदान करना है।
सरकार की क्या होगी रणनीति?
सरकारी अधिकारियों ने कहा हमारा प्रयास होगा कि इस प्रोजेक्ट से कम से कम पर्यावरण को क्षति हो। उन्होनंे कहा हम ये सुनिश्चित करते हुए टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास करेंगे। इसके साथ ही सरकार परियोजना की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखने और किसी भी उभरते मुद्दे को हल करने के लिए आवश्यकतानुसार समायोजन करने की योजना बना रही है।












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