गणेशोत्सव पर इस साल भी कोरोना का साया, बीएमसी ने सिर्फ 519 गणपति पंडालों को दी अनुमति
गणेशोत्सव पर कोरोना का साया, बीएमसी ने सिर्फ 519 पंडालों को दी अनुमति
मुंबई, 27 अगस्त: कोरोना महामारी आने के बाद बीते डेढ़ साल से त्योहारों में पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही है। इसका असर महाराष्ट्र के दो सबसे बड़े त्यौहार गणेशोत्सव और दही-हांडी पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी गणेशोत्सव और दही-हांडी कोरोना के साये में मनेंगे। कोरोना के चलते बहुत कम गणपति पांडलों को इजाजत दी गई है। जिनको इजाजत दी गई है, उनको भी कई तरह की सावधानियां रखनी होगी।
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मुंबई में 10 सितंबर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव को लेकर बीएमसी ने फैसला लिया है कि इस साल भी कोविड नियमों का पालन करते हुए ही गणेशोत्सव मनाया जाएगा। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) के पास पंडाल लगाने के लिए इस साल कुल 1273 मंडल के आवेदन आए थे लेकिन कोविड महामारी को देखते हुए 519 पंडालों को ही अनुमति दी गई है यानी जितने आवेदन आए, उसमें से सिर्फ 16 फीसदी पंडालों को ही बीएमसी ने अनुमति दी है। बीएमसी की ओर से कहा गया है कि दो साल पहले (कोरोना महामारी से पहले) 3000 के करीब आवेदन आया करते थे, जो अब आधे भी नहीं रह गए हैं।
गणेशोत्सव को लेकर जारी की गई है गाइडलाइन
महाराष्ट्र सरकार ने गणेश उत्सव के लिए इस साल जो गाइडलाइन जारी की है, उसके अनुसार सार्वजनिक गणेश मंडल में बप्पा की मूर्तियों का आकार 4 फुट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वहीं घरों में गणपति बप्पा की जिन मूर्तियों को लाया जाएगा उनकी ऊंचाई 2 फुट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा बप्पा का विसर्जन कृत्रिम तालाब में किया जाए और मंडप में भीड़ नहीं होने दी जाए। भीड़ ना बढ़े इसलिए ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध हो, साथ ही गणपति पंडाल में सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा भी रखी जाए।












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