महाराष्ट्र चुनाव: डिंडोसी सीट पर दिलचस्प हुआ मुकाबला, शिंदे शिवसेना ने दिया संजय निरुपम को टिकट
Sanjay Nirupam Shiv Sena: शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के विचार और संगठन को हमेशा मीडिया का समर्थन नहीं मिला था। इसी वजह से बाला साहेब ने अपने विचारों को जनता तक पहुँचाने के लिए 'मार्मिक' नामक पत्रिका की शुरुआत की। जैसे-जैसे शिवसेना का विस्तार हुआ, उसके विरोधियों की संख्या भी बढ़ी। बालासाहेब ने राज्य स्तर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 'सामना' नामक दैनिक पत्रिका शुरू की, जिसकी हिंदी संस्करण 'दोपहर का सामना' भी लांच किया गया, जिसके संपादक संजय निरुपम थे।
कांग्रेस की टिकट से जीती थी मुंबई उत्तर लोकसभा सीट
ज्ञात हो कि संजय निरुपम ने शिवसेना के साथ अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी। वह अविभाजित शिवसेना के हिंदी मुखपत्र 'दोपहर का सामना' के संपादक रह चुके हैं। वर्ष 2005 में संजय निरुपम, कांग्रेस में शामिल हुए और उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त बनाया गया।

तब उन्होंने 2009 के चुनावों में मुंबई उत्तर लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी, जिसमें बीजेपी के दिग्गज नेता राम नाइक को मामूली अंतर से पराजित किया था। वह 19 सालों के दौरान कांग्रेस से जुड़े रहे और कई पदों पर काम किया।
कांग्रेस के भीतर रहकर आवाज उठाई
इन सभी घटनाओं के बीच, निरुपम ने चुप रहने का फैसला किया। 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे गुट, शरद पवार गुट, और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से उद्धव ठाकरे गुट ने गजानन कीर्तिकर के बेटे अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार बनाया है। इस पर निरुपम ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि वह भ्रष्ट उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे।
शिवसेना में की वापसी
हाल ही कांग्रेस ने निरुपम को 'अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों' के आरोप में 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया। 2017 के महानगरपालिका चुनावों में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई और निरुपम का महत्व कम होता गया। 2022 में, शिवसेना में आए बड़े उलटफेर के दौरान, एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ विद्रोह किया।
डिंडोशी से उम्मीदवार, सुनील प्रभू से है मुकाबला
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को अस्वीकार किया गया और शिंदे मुख्यमंत्री बने। 2024 विधानसभा चुनाव के लिए सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने संजय निरुपम को डिंडोशी विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया है। डिंडोशी में उद्धव ठाकरे के खास सुनील प्रभू मौजूद हैं। इस क्षेत्र में उत्तर भारतीय मतदाताओं की तादाद भी काफी है, जिससे यहा मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।












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