'मंत्री नहीं बना तो पत्नी कर लेगी सुसाइड', डेढ़ साल बाद भी शिंदे गुट के MLA नहीं बने मंत्री तो बयां की व्यथा
महाराष्ट्र में 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से जो सत्ता में घमासान मचा हुआ है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे से बगावत कर उनकी महाअघाड़ी सरकार गिराकर भाजपा के संग अपनी सरकार बनाए एकनाथ शिंदे को 14 महीने से अधिक का समय बीत चुका है। इतने महीनों बाद भी शिंदे गुट के विधायक अपने मंत्री बनने की आस लगाए बैठे थे लेकिन अब उनकी इस उम्मीद पर पानी फिर चुका है। जिसके कारण शिंदे गुट के विधायकों में जबरदस्त निराशा और असंतोष है।

मंत्री बनने की रेस में शिंदे गुट के एक मंत्री जो नंबर एक पर थे उन्होंने अब एक कार्यक्रम में अपने मंत्री ना पाने का दर्द बयां करते हुए दिलचस्प किस्सा सुनाया है।
एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के विधायक भरत गोगावले ने महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट विस्तार का एक मजेदार किस्सा सुनाते हुए बताया कि कैबिनेट मंत्री बनने की रेस में मैं नंबर वन पर था लेकिन शिंदे के सामने समस्या हो गई थी कि किसे मंत्री बनाया जाए तो मैं पीछे हट गया।
इसके साथ ही गोगावले ने कहा कि पहले नौ लोगों की सूची में मेरा नाम था और मेरा मंत्री बनना तय था लेकिन मेरे साथ के एक विधायक ने कहा कि अगर मुझे मंत्री पद नहीं दिया गया तो मेरी पत्नी आत्महत्या कर लेगी।
वहीं दूसरे विधायक ने कहा मंत्री नहीं बना तो नारायण राणे मेरा जीना मुश्किल कर देंगे, वो मेरी राजनीति खत्म कर देंगे। वहीं एक तीसरे असंतुष्ट विधायक ने कहा कि अगर मुझे मंत्री नहीं बनाया तो मैं शपथ ग्रहण के तुरंत बाद अपना इस्तीफा दे दूंगा।
मंत्री पद की आस लिए इन विधायकों की बातों ने एकनाथ शिंदे के सामने बड़ी समस्या उत्पन्न कर दी थी। गोगावले ने बताया कि इसीलिए मुझे मंत्री पद के लिए इंतजार करना पड़ा जो आज तक जारी है।
गोगावले ने एक और किस्सा बताया कि "मैंने एक विधायक को फोन किया और कहा अरे आपके संभाजीनगर से पांच में से दो विधायकों को मंत्री बनाया है मैंने संजय शिरसाट से कहा आपको इतनी जल्दी क्या है? तब से लेकर आज तक हम रुके हुए हैं पहले जिन विधायकों ने हमारी तारीफ की थी वो अब मुझ पर बुरी तरह चिल्ला रहे हैं। उन्होंने कहा विधायकों की बात तो छोड़ दीजिए आज तक तो पंचायत सदस्य तक मुझे ताने मार रहे हैं।"
बता दें गोगवाले शिंदे की शिवसेना गुट के अहम नेता हैं और इन्होंने शिंदे गुट की सूरत-गुवाहाटी-मुंबई की यात्रा में अहम रोल अदा किया था। गोगावले शिंदे के वफादार नेताओं में सबसे नंबर वन पर है पहली बार ही कैबिनेट विस्तार में इनका मंत्री बनना तय था लेकिन तब नहीं बनाए गए। भरत गोगावले ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से मेरा कपड़ा कोट सब तैयार है बस फोन का इंतजार है।
बता दें एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बगावत कर भाजपा और शिंदे सरकार में शामिल होकर उपमुख्मंत्री बने अजितपवारऔर उनके गुट की एंट्री के बाद अब शिंदे गुट के भारत गोगावले समेत अन्य विधायकों का मंत्री बन पाना अब मुश्किल ही लग रहा है। जिसके कारण शिंदे गुट में बहुत निराशा है।












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