महिला आरक्षण बिल पर देवेंद्र फणडवीस बोले- मोदी सरकार का ऐतिहासिक निर्णय मील का पत्थर साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र के प्रतिनिधित्व में आज देश की नई संसद भवन में कार्यकाल का शुभारंभ विशेष सत्र से हुआ। पांच दिवस संसद के विशेष सत्र में कानून मंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक पेश किया । विशेष सत्र में सबसे पहले पेश किए महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में बहस चल रही है। संभवत: ये विधेयक कल पास हो जाएगा। संसद सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पेश होने पर महाराष्ट्र डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे महाकाव्य बताया है।

मोदी सरकार का ऐतिहासिक निर्णय मील का पत्थर साबित होगा
देवेंद्र फणडवीस ने लिखा महाकाव्य! महिला सशक्तिकरण की दिशा में भारत ने ऐसा कदम जो मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा इस कानून को लाने की पिछली कई सरकारों ने प्रयास किया लेकिन वो असफल रहीं। अब पीएम मोदी के नेतृत्व में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की इस पहल से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं दोनों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होगी। मोदी सरकार की इस पहल का उद्देश्य राष्ट्र की नारीशक्ति को और भी आगे बढ़ाना है। फडणवीस ने कहा इस विधेयक के लिए मैं मोदी सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।
पीएम मोदी बोले- इस पवित्र काम के लिए ईश्वर ने मुझे चुना था
बता दें पीएम मोदी ने अपने संसद के विशेष सत्र में अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल को नारी 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' नाम दिया और कहा महिला आरक्षण बिल के लिए पहले भी प्रयास हुए लेकिन वो सफल नहीं हुए। इस पवित्र काम भी लिए भी भगवान ने मुझे चुना है। ये नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े ये सुनिश्चित होगा।
दोनों सदनों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए है ये कदम
पीएम मोदी ने कहा "आज महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही हैं। हमारी सरकार दोनों सदनों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े इसके लिए ये बिल लाई है। लोकसभा चुनाव तो दूर है लेकिन जितना समय शेष बचा है, उसके लिए मैं पक्का मानता हूं कि यहां जो व्यवहार होगा वो ये तय करेगा कि कौन यहां बैठने के लिए व्यवहार करता है और कौन वहां बैठने के लिए व्यवहार करता है।"
पीएम मोदी ने कहा- 'मिच्छामी दुक्कड़म' कहना चाहता हूं
पीएम ने कहा आज संवत्सरी भी मनाया जाता है, इस अद्भुत परंपरा के तहत इस खास दिन हम कहते "मिच्छामी दुक्कड़म' ! ये वो दिन है जब हम दूसरों से मााफी मांगते हैं जिसे जाने-अनजाने में में हमने ठेस पहुंचाई है। इसके साथ ही पीएम ने कहा मैं संसद के सभी सदस्यों और देश की जनता से भी 'मिच्छामी दुक्कड़म' कहना चाहता हूं।"












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