देवेंद्र फडणवीस की बहन ने साझा किया बचपन का दिलचस्प किस्सा, जब उन्हें कुएं में धकेलने की थी तैयारी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बहन भावना ने अपने भाई की कई यादों को साझा किया है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र जितने रोचक हैं उतने ही भावनात्मक भी हैं। परिवार में जब भी किसी को कई दिक्कत होती थी तो सबसे पहले वो भावुक हो जाते थे और दिन-रात उसकी सेवा करते थे।
देवेंद्र फडणवीस के यह बचपन के ही संस्कार हैं कि जब भी महाराष्ट्र पर कोई आपदा आती है या कोई किसान दिक्कत में होता है तो वह उसकी ओर मदद का हाथ जरूर बढ़ाते हैं। देवेंद्र फडणवीस की बड़ी बहन भावना खरे ने एक पॉडकास्ट में अपने भाई को लेकर कई बातें साझा की।

रक्षाबंधन के मौके पर अपने भाई की बचपन की यादों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जब हम छोटे थे तो राखी बांधने पर सिर्फ बहनों को ही गिफ्ट मिलता था, भाईयों को कुछ नहीं मिलता था। लेकिन जब भाइयों को यह समझ आया कि उन्हें भी गिफ्ट मिलना चाहिए तो उन्हें ठान लिया जबतक उन्हें गिफ्ट नहीं मिलता वह राखी नहीं बंधवाएंगे। उसके बाद से हमारे घर में भाइयों के लिए भी गिफ्ट आने लगा। उस वक्त अपने अधिकारों के लिए लड़ने का विचार देवेंद्र के मन में आया था।
भावना ने बताया कि हम 5 बहनें और 5 भाई थे। जब हम छोटे थे तो गर्मी की छुट्टियों में और दिवाली में गांव जाते थे। दोपहर में हम लोग यहां खेलते थे। जब हमने खेल-खेल में गणेश जी की पूजा करने की सोची तो हमने गणेश जी की जगह देवेंद्र को बैठा दिया और वो मस्त बैठ गए। फिर वो कहने लगे कि जो 21 मोदक बनाए हैं उसे मै खाऊंगा। मैं मूर्ति थोड़े हूं, मैं तो अच्छा वाला गणेश हूं। फिर वो 21 मोदक खा गए। हम भाई-बहनों को एक भी मोदक नहीं मिला।
भावना कहती हैं कि जब गणेश विसर्जन की बात आई तो हम देवेंद्र को पास के बड़े कुएं में लेकर गए, हमने उन्हें पास में बड़े पत्थर पर बैठा दिया, वो मस्त शांत होकर बैठ गए। लेकिन तभी पास में एकनौकर ने देखा कि हम खेल-खेल में देवेंद्र को कुएं में धकेलने वाले हैं तो वह चिल्लाया और मां भी वहां आ गईं, काका भी वहां आ गए, सभी चिल्लाते हुए आए।
देवेंद्र संग बचपन की यादों को साझा करते हुए भावना ने कहा कि जब हम दिल्ली में थे तो राजौरी गार्डन में रहते थे। वहां कश्मीर के लाल चौक से तिरंगा फहराने के लइए बच्चे आए थे, उसमे देवेंद्र भी थे। वो हमारे यहां 10-15 दिन रहे। मेरे पति के पास उस वक्त बुलेट थी। जिसे लेकर देवेंद्र निकल गए। मेरा दूसरा भाई भी बुलेट पर बैठ गया। जब वो पास के फ्लाईऔवर पहुंचे तो बुलेट बंद हो गई। जिसके बाद ये लोग उसे धकेलते हुए लेकर आए। उसने दूसरे भाई से पूरे रास्ते बुलेट पर धक्का लगवाया। हमे नहीं पता था कि उसे बुलेट चलानी आती है या नहीं।
देवेंद्र को नारियल की बर्फी और गुझिया बहुत अच्छी लगती है। हम नागपुर में लक्ष्मी भवन के पास भेल खाने और गन्ने का रस पीने जाते थे। हमे कोई चाय के लिए पूछता था तो हम मना नहीं करते थे। देवेंद्र बहुत ही शांत स्वभाव के हैं, उन्हें किताब पढ़ना पसंद है।
-
Alka Yagnik की हालत बिगड़ी? खतरनाक बीमारी ने किया ये हाल, छलका सिंगर का दर्द, कहा- दुआ मांगो -
Love Story: 38 साल से पति से अलग रहती हैं Alka Yagnik, क्यों अकेले जी रहीं जिंदगी? अब दर्दनाक हुई हालत -
Alka Yagnik Caste: क्या है सिंगर अलका याग्निक की जाति? खतरनाक बीमारी से जूझ रहीं गायिका मानती हैं कौन-सा धर्म? -
'इंटीमेट सीन के दौरान उसने पार की थीं सारी हदें', Monalisa का बड़ा बयान, सेट पर मचा था ऐसा हड़कंप -
Rahul Banerjee Postmortem रिपोर्ट में शॉकिंग खुलासा, सामने आया ऐसा सच, पुलिस से लेकर परिवार तक के उड़े होश -
Mounika कौन थी? शादीशुदा प्रेमी Navy Staffer Chintada ने क्यों किए टुकड़े-टुकड़े? सिर जलाया तो बॉडी कहां छिपाई -
Rakesh Bedi Caste: धुरंधर में पाकिस्तान को उल्लू बनाने वाले 'Jameel' किस जाति से? ठगी का शिकार हुई पत्नी कौन? -
बॉलीवुड की पहली 'लेडी सुपरस्टार' ने 4 Minute तक किया था Kiss, हीरो के छूट गए थे पसीने, फिर मचा था ऐसा बवाल -
RBSE Topper: रिजल्ट से 10 दिन पहले थम गईं निकिता की सांसें, 12वीं की मार्कशीट में चमकता रह गया 93.88% -
Leander Paes: तीन अभिनेत्रियों संग रहा लिवइन रिलेशन, बिना शादी के बने पिता, घरेलू हिंसा का लगा था आरोप -
Gold Rate Today: मार्च के आखिर में फिर सस्ता हुआ सोना, डेढ़ लाख के नीचे आया भाव, ये है 22k और 18K गोल्ड रेट -
Vaibhav Suryavanshi के पास सात समंदर पार से आया ऑफर! टैलेंट पर फिदा हुआ ये देश, कहा- हमारे लिए खेलो












Click it and Unblock the Notifications