महाराष्ट्र चुनाव को लेकर एनडीए में बनी सहमति, भाजपा प्रमुख ने दिया बड़ा अपडेट
Maharashtra assembly elections 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है। इसके पहले एनडीए गठबंधन और विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियां सीटों के बंटवारे को लेकर बैठकें कर रही हैं। वहीं अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने एनडीए गंठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।
बता दें महायुति गठबंधन में भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल हैं। एनडीए गठबंधन में शामिल इन तीनों पार्टियों ने आगामी महाराष्ट्र चुनाव मिल कर लड़ने का ऐलान किया है।

महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन आगामी विधानसभा चुनावों में 70 से 80 प्रतिशत सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए आम सहमति बन चुकी है।
जीतने की क्षमता पर ध्यान केंद्रित करें
बावनकुले ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव टिकट बांटने के लिए जीतने की क्षमता प्राथमिक मानदंड होगी। एनसीपी के 70-80 सीटों के दावे के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की एक साथ चुनाव जीतने के संकल्प की प्रशंसा की।
जिताऊ उम्मीदवार पर लगेगा दांव
बावनकुले ने मीडिया से बात करते हुए बताया "महायुति के तीनों नेताओं को संख्या का हवाला देने के बजाय एकजुट होकर चुनाव जीतने की कसम खाने के लिए बधाई दी जानी चाहिए। हम जीताऊ उम्मीदवारों को मैदान में उतारने पर सहमत होंगे।"
लोकसभा चुनाव 2024 परिणाम
लोकसभा चुनाव में एनडीए के प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र एनडीए के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है। 2024 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को 48 में से 30 सीटें मिलीं, जबकि महायुति को केवल 17 सीटें मिलीं। याद रहे 2019 के लोकसभा चुनावों में एनडीए के प्रदर्शन से काफी गिरावट थी, जब उन्होंने महाराष्ट्र की 48 में से 43 सीटें जीती थीं, जबकि यूपीए को पांच सीटें मिली थीं।
असेंबली सेगमेंट लीड्स
विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त के मामले में विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) 153 सीटों पर आगे है - कांग्रेस 62 सीटों पर, शिवसेना (यूबीटी) 57 पर, और एनसीपी-एसपी 33 सीटों पर। वहीं, महायुति 126 सीटों पर आगे है - बीजेपी 79 सीटों पर, शिवसेना 40 पर, एनसीपी-एपी छह सीटों पर और राष्ट्रीय समाज पक्ष एक सीट पर।
क्या होगी रणनीति
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं और बहुमत की सरकार बनाने के लिए 145 सीटें आवश्यक हैं। लोकसभा चुनाव में हार के बाद महाराष्ट्र में एनडीए की रणनीति बहुत महत्वपूर्ण है। भाजपा के लिए, उसकी 114 कमज़ोर सीटों में से आधी पश्चिमी महाराष्ट्र में हैं, जहां एनसीपी-अजीत आगे चलेंगे, और मराठवाड़ा में, जो तीन महायुति भागीदारों के बीच विभाजित होगा।
भाजपा के लिए सहयोगियों को छोड़नी होगी ये सीट
अजित पवार गुट की एनसीपी की कमज़ोर सीटें मुख्य रूप से विदर्भ और मुंबई में हैं। उन्हें मुंबई को भाजपा के लिए छोड़ना होगा और शिंदे सेना और विदर्भ को भाजपा के लिए छोड़ना होगा। शिवसेना की आधी से ज़्यादा कमज़ोर सीटें पश्चिमी महाराष्ट्र और विदर्भ में हैं, जहाँ उन्हें एनसीपी और भाजपा को प्राथमिकता देनी होगी।












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