महाराष्ट्र में कांग्रेस 'गठबंधन तोड़ने को तैयार', BMC चुनाव से पहले देवड़ा ने शिवसेना के खिलाफ खोला मोर्चा
मुंबई, 13 जुलाई: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार गिरने के बाद महा विकास अघाड़ी गठबंधन के मतभेद भी सामने आने लगे हैं। हर दिन कुछ ना कुछ ऐसा हो रहा है, जिससे जाहिर होता है कि एकजुटता सत्ता रहने तक ही बनी हुई थी। फिलहाल एनसीपी की जगह कांग्रेस शिवसेना पर ज्यादा हमलावर हो रही है। बालासाहेब थोराट के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने उद्धव ठाकरे की पार्टी पर बीएमसी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने यहां तक कहा है जब गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया जा रहा तो उनकी पार्टी उससे निकलने तक को तैयार बैठी है।

शिवसेना पर कांग्रेस नेता ने लगाए गंभीर आरोप
महाराष्ट्र का राजनीतिक संकट अब महा विकास अघाड़ी गठबंधन पर भारी पड़ रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने बीएमसी चुनाव से पहले शिवसेना के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने शिवसेना पर आरोप लगाया है कि मुंबई में बीएमसी चुनाव से पहले शिवसेना ने वॉर्डों को फिर से बनाने के लिए धांधली का रास्ता अपनाया है, ताकि चुनावों में वह इसका फायदा उठा सके। उन्होंने इशारों में शिवसेना पर गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने का भी आरोप लगा दिया है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस 'गठबंधन तोड़ने को तैयार'
मुंबई कांग्रेस के बड़े नेता देवड़ा ने कहा कि अगर उनकी पार्टी के हितों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह गठबंधन से 'बाहर आने को तैयार है।' उन्होंने कहा, 'अगर अपने अधिकारों के लिए लड़ने में एमवीए के लिए खतरा है तो हम यह यह खतरा उठाने के लिए तैयार हैं.....अगर किसी ने गठबंधन धर्म का उल्लंघन किया है तो कांग्रेस बाहर निकलने के लिए तैयार है।' वैसे देवड़ा तब भी शिवसेना के आलोचक रहे हैं, जब कांग्रेस उसके साथ सरकार चला रही थी। अब उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शिवसेना पर यह आरोप लगाते हुए चिट्ठी लिखी है कि उसने चुनावों से पहले वार्डों के साथ चालबाजी की है।
शिवसेना ने किया वार्डों के साथ खेल?
बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका बजट कुछ छोटे राज्यों से भी बड़ा है और इसपर अभी भी शिवसेना का कब्जा बना हुआ है। देवड़ा ने कहा है कि 'बीएमसी में अभी कोई जवाबदेही नहीं है और लोकतांत्रिक चुनावों की आवश्यकता है। शिवसेना के हितों के हिसाब से वार्डों का पुनर्निधारण किया गया है।' उन्होंने यह भी कहा है कि वह इसका पहले भी विरोध कर चुके हैं। पार्टी ने अभी देवड़ा को इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का ऑब्जर्वर निक्युकत किया है।
मुर्मू के समर्थन से भी असहज है कांग्रेस
जब उनसे राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना की ओर से बीजेपी की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसपर कुछ नहीं कहा। उन्होंने चुटकी ली कि 'शायद इसपर संजय राउत टिप्पणी कर सकते हैं।' हालांकि, देवड़ा की पार्टी के ही बालासाहेब थोराट ने शिवसेना के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि 'ये समझ से बाहर की बात है कि पार्टी (शिवसेना) द्रौपदी मुर्मू का समर्थन क्यों कर रही है?' कांग्रेस और एनसीपी ने एकनाथ शिंदे के बगावत के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना का समर्थन दिया था। लेकिन, धीरे-धीरे गठबंधन में दरार दिखाई देने लगी है।(तस्वीर-फाइल)












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