CM Eknath Shinde का गंभीर आरोप- फडणवीस को जेल भेजना चाहती थी MVA सरकार, जानिए पूरा मामला

महाराष्ट्र में सीएम आवास अधिक पैसे खर्च कर रहा है। उच्च बिल के आरोपों पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूछा, क्या सीएम आवास आने पर लोगों को चाय तक ऑफर न करूं?

CM eknath shinde

CM Eknath Shinde: महाराष्ट्र में सत्तारुढ़ रही राजनीतिक पार्टी- राकांपा के नेता अजीत पवार ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री आवास का खाने-पीने का बिल पिछले चार महीनों में दो करोड़ 68 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि राज्य के दूर-दराज के इलाकों से लोग अपनी फरमाइश और मांगें लेकर मुख्यमंत्री आवास पर आते हैं और उन्हें वहां चाय और पानी पिलाया जाता है।

फडणवीस को जेल भेजना चाहती थी सरकार

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, उन्होंने कहा, पिछली सरकार की साजिश देवेंद्र फडणवीस और गिरीश महाजन को जेल में डालने की थी, मैं तब सीएम और गृह मंत्री नहीं था, लेकिन मैं एक साजिश का गवाह हूं, जिसे पूरा नहीं होने दिया गया। सरकार पहले ही बदला ले चुकी थी। आरोप में खास बात ये कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन स्पष्ट है कि उद्धव खेमे की शिवसेना से अलगाव के बाद शिंदे का ये सबसे तीखे हमलों में एक है।

सीएम आवास में बेलगाम खर्च के आरोपों पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूछा, क्या उन्हें नहीं पता कि हजारों की संख्या में लोग दूर-दराज से हर रोज मुख्यमंत्री से मिलने आते हैं। क्या हमें उन्हें चाय-पानी तक नहीं देना चाहिए? उन्होंने कहा, "उन्हें चाय दी जाती है, बिरयानी नहीं। यह हमारी संस्कृति में है कि जब कोई आता है तो उसे चाय और पानी दिया जाता है।"

पवार ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला बोलते हुए कहा कि चार महीने में मुख्यमंत्री के बंगले पर खाने-पीने का बिल 2 करोड़ 68 लाख हो गया है।

बता दें कि महाराष्ट्र राज्य विधानसभा में बजट सत्र से पहले महाराष्ट्र विकास अघाडी (MVA) ने रविवार को मुंबई में एक शीर्ष स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में अजीत पवार, आदित्य ठाकरे, छगन भुजबल, अंबादास दानवे, जितेंद्र अवध, अनिल परब और अन्य जैसे वरिष्ठ अघाड़ी नेताओं ने भाग लिया।

सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र से पहले गठबंधन की रणनीति पर चर्चा के लिए यह बैठक हुई। सरकारी विभागों में कई फाइलें बेकार पड़ी हैं। सरकार आम आदमी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। अजित पवार ने बिहार की तर्ज पर महाराष्ट्र में जाति आधारित जनगणना की मांग की है। विपक्ष के नेता ने कहा, "अगर बिहार सरकार ऐसा कर सकती है तो महाराष्ट्र सरकार क्यों नहीं।"

राज्य में मध्यावधि चुनाव कराने के उद्धव ठाकरे के बयान पर कायम पवार ने कहा, ''लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की मांग पहले भी होती रही है और ऐसी संभावना 2024 में बन सकती है।''

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