Maharashtra Chunav: पचोरा में किशोर पाटिल का होगा बहन से रोचक मुकाबला, जीत की हैट्रिक लगाने को हैं तैयार
Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को अब चंद दिन ही बाकी बचे हैं। उत्तर महाराष्ट्र का जलगांव जिला जो शिवसेना का गढ़ माना जाता है वहां पर अनोखी राजनीतिक लड़ाई चल रही है जिसने राज्य का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
इसकी वजह है कि जलगांव जिले के अंतर्गत आने वाले पचोरा निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा विधायक किशोर पाटिल जिन्हें एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने आगामी चुनाव में उम्मीदवार बनाया है वो एक निजी और राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि वह अपने परिवार के सदस्य, अपनी बहन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

भाई-बहन के बीच यह मुकाबला महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन गया है। शिवसेना के किशोर पचाेरा से पाटिल जीत की हैट्रिक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। विकास और जनसेवा के अपने ठोस ट्रैक रिकॉर्ड के कारण उनके समर्थकों को लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने की उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा है।
बता दें जलगांव से शिवसेना के गुलाबराव पाटिल, चिमनराव पाटिल, किशोर पाटिल इस जिले के अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं और शिवसेना जिला प्रमुख चंद्रकांत पाटिल पिछले चुनाव में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। शिवसेना ने इन सभी को 2024 के विधानसभा चुनाव में फिर से उम्मीदवार बनाया है। जिसमें किशोर पाटिल का नाम भी शामिल है।
पचोरा की जनता के "किशोर अप्पा"
शिवसेना विधायक किशोर पाटिल अपने मुखर स्वभाव और क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क के लिए जाने जाते हैं। पचोरा क्षेत्र में उनके द्वारा करवाए गए विकास और जन कल्याण में किए गए कार्यों के कारण इन्हें "किशोर अप्पा" के नाम से प्यार से पुकारा जाने लगा है।
2024 में जीत की हैट्रिक लगाने को हैं तैयार किशोर पाटिल
2014 और 2019 में शिवसेना विधायक के तौर पर दो सफल कार्यकाल पूरा करने वाले पाटिल अपने निडर दृष्टिकोण और क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं। इसलिए 2024 के चुनाव में इनकी जीत पक्की मानी जा रही है।
अंडरग्राउंड सीवरेज योजना
पचोरा विधानसभा क्षेत्र में विकास के लिए किशोर पाटिल ने कई बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करवाया। जिसमें 60 करोड़ की अंडरग्राउंड सीवरेज योजना सबसे महत्वपूर्ण है, जिसने शहर की सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार किया है।
पचाेरा में बढ़वाई जलापूर्ति
इसके अलावा किशोर पाटिल ने पचोरा क्षेत्र में जलापूर्ति बढ़ाने के लिए 22 करोड़ रुपये का आवंटन करवाया, जिससे 35 से 40 हजार निवासियों को लाभ हुआ है।
पुल का निर्माण
काजगांव रेलवे पुल और गिरना नदी पर पुल के निर्माण में उनका सहयोग महत्वपूर्ण था, जिससे हजारों लोगों को सुविधा मिली और स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली।
राजनीतिक उथल-पुथल में भी जारी रहा विकास कार्य
2019 के बाद महा विकास अघाड़ी सरकार के गठन के साथ महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आया। इस अवधि में शिवसेना के भीतर तीव्र राजनीतिक संघर्ष और गुटबाजी देखी गई, जिसकी परिणति 2022 में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के रूप में हुई।
शिंदे के गुट के साथ गठबंधन करते हुए किशोर पाटिल ने पचोरा के लिए धन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उथल-पुथल के बीच अटूट समर्थन का प्रदर्शन किया। आलोचकों के खिलाफ उनका सक्रिय रुख और निर्वाचन क्षेत्र के विकास के प्रति उनका समर्पण सराहनीय रहा है।
पचोरा में ग्रामीण अस्पताल
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में किशोर पाटिल ने पचोरा में ग्रामीण अस्पताल के लिए 5 करोड़ रुपये का फंड हासिल करके बड़ी प्रगति की है, जिससे एक लाख नागरिकों के लिए चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हुई हैं।
माझी लड़की बहिन योजना का 60,248 महिलाओं को दिलवाया लाभ
मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना में उनकी भागीदारी से 60,248 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है, जो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से परे जन कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चुनौतियों को स्वीकार करना और आगे की ओर देखना
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, किशोर पाटिल की भूमिका शिवसेना और व्यापक राज्य की राजनीति में बदलावों को समझने में महत्वपूर्ण रही है। 2022 के विद्रोह के दौरान एकनाथ शिंदे के साथ उनकी निष्ठा, उसके बाद विकास निधि हासिल करने में सक्रिय भागीदारी ने एक गतिशील और उत्तरदायी नेता के रूप में उनकी स्थिति को मजबूत किया है। विपक्ष की आलोचनाओं का मुकाबला करने में उनके प्रयास उनकी पार्टी और मतदाताओं के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications